जूना महल के काम में लापरवाही पड़ी भारी, ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट ने ठेकेदार पर कसा शिकंजा

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ओंकारेश्वर। श्री ओंकारेश्वर मंदिर परिसर स्थित जूना महल और ऑफिस बिल्डिंग को डिस्मेंटल कर मलबा हटाने के कार्य में लापरवाही बरतने पर मंदिर ट्रस्ट ने कड़ा कदम उठाया है। गुणवत्ता संबंधी शर्तों का पालन न करने और कार्य में देरी पर बद्रीकेदार इंफ्रा, सनावद का ठेका रद्द करते हुए उसकी निविदा राशि राजसात कर ली गई है। साथ ही ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश जारी किया गया है।

बारिश का पानी इलेक्ट्रिक कंट्रोल रूम तक पहुंचा

मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं एसडीएम पुनासा पंकज वर्मा द्वारा 15 सितंबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, ठेकेदार की लापरवाही के कारण बारिश का पानी मंदिर के इलेक्ट्रिक कंट्रोल रूम तक पहुंच गया था। सुरक्षा के मद्देनजर कई घंटों तक बिजली बंद रखनी पड़ी, जिससे परिसर में श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

गर्भगृह में घुसा पानी और कीचड़

पानी निकासी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद ठेकेदार ने व्यवस्था में सुधार नहीं किया। इसके चलते जुलाई की बारिश में पानी और कीचड़ मंदिर के गर्भगृह तक जा पहुंचा, जिससे दर्शन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। मंदिर ट्रस्ट ने इसे धार्मिक आस्था और गरिमा से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला माना।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर पड़ा असर

जूना महल और ऑफिस बिल्डिंग को हटाकर वहां श्रद्धालुओं के लिए वेटिंग रूम व अन्य सुविधाओं का निर्माण मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा कराया जाना था। पिछले चार महीनों से काम बंद रहने के कारण आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियां भी प्रभावित हो रही थीं।

12 निविदाकारों में मिला था न्यूनतम ठेका

28 जून 2025 को निविदाएं खुलने पर बद्रीकेदार इंफ्रा को 6,200 रुपये प्रति घन मीटर की न्यूनतम दर पर काम का कार्यादेश दिया गया था। अब ठेका समाप्त होने के बाद यह देखना होगा कि इस लंबित कार्य को किस नई एजेंसी के माध्यम से जल्द पूरा कराया जाता है।