जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ के न्यायाधीश जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह 17 सितंबर 2026 को अपने पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके सम्मान में मुख्य अदालत में फुल कोर्ट फेयरवेल (Full Court Farewell) का आयोजन किया गया, जिसमें सभी साथी न्यायमूर्ति, वरिष्ठ अधिवक्ता और न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
जस्टिस सिंह के सेवानिवृत्त होने के साथ ही प्रदेश उच्च न्यायालय में जजों की कमी का संकट और गहरा गया है।
हाई कोर्ट में 28% पद खाली; 4.75 लाख केस लंबित
जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह के कार्यमुक्त होने से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में कार्यशील जजों की संख्या घटकर मात्र 38 रह जाएगी।
रिक्त पदों की स्थिति: हाई कोर्ट में स्वीकृत कुल 53 जजों के पदों के मुकाबले अब 15 पद खाली हो जाएंगे, जो कुल क्षमता का लगभग 28 प्रतिशत है।
लंबित मुकदमों का बोझ: अदालत में वर्तमान में 4.75 लाख से अधिक पुराने मुकदमे फैसले का इंतजार कर रहे हैं। जजों की कमी से दैनिक सुनवाई और मुकदमों के त्वरित निस्तारण पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। विधिक समुदाय ने रिक्त पदों को शीघ्र भरने के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम से त्वरित सिफारिशें भेजने की मांग की है।
तीन दशक लंबा और प्रेरणादायी न्यायिक सफर
जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह का विधिक करियर 33 वर्षों से अधिक लंबा रहा है:
करियर की शुरुआत: उन्होंने 31 मई 1990 को अधीनस्थ न्यायपालिका में सिविल जज के रूप में अपने सेवा सफर की शुरुआत की थी।
हाई कोर्ट जज के रूप में पदोन्नति: जिला न्यायालयों के विभिन्न संवर्गों में 33 साल तक सेवाएं देने के बाद 1 मई 2023 को उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के जज के रूप में शपथ ली थी।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने दीवानी, आपराधिक और संवैधानिक विषयों से जुड़े कई जटिल और महत्वपूर्ण मुकदमों में अहम कानूनी फैसले सुनाए।









