भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष मिथुन मन्हास और कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सदस्यों ने बुधवार को भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची से मुलाकात की। यह ऐतिहासिक मुलाकात सुजुकी कप से ठीक पहले हुई, जिसके तहत भारत और जापान की पुरुष क्रिकेट टीमें पहली बार 22 सितंबर को तोचिगी प्रान्त स्थित सानो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ग्राउंड में टी20 मुकाबले में आमने-सामने होंगी।
मैच और राजनयिक संबंधों का महत्व
यह मुकाबला भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 'स्पोर्ट 75' पहल के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच खेल सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय टीम जापान में जाकर कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेलेगी।
जापानी राजदूत ने भेंट किया 'दारुमा'
मुलाकात के दौरान राजदूत ओनो केइची ने बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास और भारतीय टीम को सौभाग्य का जापानी प्रतीक 'दारुमा' भेंट किया। राजदूत ओनो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वे सानो, तोचिगी में होने वाले इस ऐतिहासिक मैच और आगामी 20वें एशियन गेम्स को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
एशियन गेम्स की तैयारियों का हिस्सा
बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि क्रिकेट का जापान जैसे नए देशों में पहुंचना खेल को वैश्विक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह टी20 मैच 2026 एशियन गेम्स में पुरुषों के क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत से ठीक पहले आयोजित हो रहा है, जिससे भारतीय टीम को एशियन गेम्स की तैयारियों को परखने का बेहतरीन मौका मिलेगा।









