शहडोल है खेल की दुनिया का उभरता सितारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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भोपाल/शहडोल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे प्रदेश के जनजातीय अंचल यह साबित कर रहे हैं कि प्रतिभाएं कभी भी शहरों की मोहताज नहीं होतीं। जिस शहडोल की पहचान 'मिनी ब्राजील' के रूप में है, आज उसी माटी में बास्केटबॉल का महाकुंभ सजा है। विचारपुर गांव आज फुटबॉल की नर्सरी के साथ-साथ देश-दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। यहां फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल के साथ-साथ अब बास्केटबॉल भी युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। आदिवासी अंचल के खिलाड़ियों का प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना यह स्पष्ट करता है कि गांवों और छोटे क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शहडोल जिले में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शहडोल संभाग का बास्केटबॉल से पुराना और गौरवशाली रिश्ता रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के खिलाड़ियों का उत्साह कभी कम नहीं हुआ, जिसके परिणामस्वरूप आज शहडोल में तीन बेहतरीन बास्केटबॉल कोर्ट उपलब्ध हैं। पिछले 15 वर्षों में यहां की टीम ने राज्य और राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

खेल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने का सशक्त माध्यम: मुख्यमंत्री ने कहा कि शालेय खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में बाल्यकाल से ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और टीम भावना विकसित करने का एक मजबूत माध्यम हैं। खेल केवल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को निखारने का एक महत्वपूर्ण साधन भी है। जब मैदान में कोई युवा खिलाड़ी पसीना बहाता है, तो वह आगे चलकर अपने जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करता है। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 10 संभागों से 17 वर्ष आयु वर्ग के कुल 240 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैदान में उतरना ही जीत की पहली सीढ़ी है, इसलिए हार-जीत की चिंता किए बिना सीखने की भावना के साथ खेलें।

देश में खेलों को लेकर आया नया उत्साह: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश में खेलों को लेकर एक नया सकारात्मक माहौल बना है। आज भारत खेलकूद में जीतने के लिए मैदान में उतरने वाला देश बन चुका है। ओलंपिक, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर हमारे खिलाड़ी देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' अभियानों के माध्यम से गांव और छोटे शहरों की छिपी हुई प्रतिभाएं भी अब खुलकर सामने आ रही हैं। भारत वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और वर्ष 2036 के ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में भी पूरी मजबूती से प्रयास कर रहा है, और मध्यप्रदेश के खिलाड़ी भी इसमें भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि आने वाले वर्ष 2027 को मध्यप्रदेश में 'युवा वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्टार्टअप, खेल और नेतृत्व विकास पर विशेष फोकस रहेगा।

कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति: इस अवसर पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी वीसी के माध्यम से खिलाड़ियों को संबोधित कर अपनी शुभकामनाएं दीं। भोपाल स्थित समत्व भवन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपत्तिया उइके, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, शहडोल के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभा मिश्रा, जनपद अध्यक्ष सोहागपुर हीरावती कोल, नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, अनीता चपरा सहित तमाम स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी व खिलाड़ी मौजूद रहे।