सेमीकॉन इंडिया में PM मोदी ने बताई भारत की ताकत, बोले- दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा

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नई दिल्ली। भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को एक नई और वैश्विक रफ्तार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के यशोभूमि में 'सेमीकॉन इंडिया 2026' के पांचवें संस्करण का औपचारिक उद्घाटन किया। तीन दिनों तक चलने वाले इस प्रतिष्ठित आयोजन में दुनिया भर के 52 देशों से 600 से अधिक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गज कंपनियां हिस्सा ले रही हैं।

चिप निर्माण में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि: पीएम मोदी

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब भारत के घरेलू प्लांट से चिप्स का उत्पादन शुरू होकर सीधे वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहा है। इतने कम समय में किसी भी राष्ट्र द्वारा इस स्तर की उपलब्धि हासिल करना सराहनीय है। पीएम ने उद्योग जगत के नेताओं को देश का सच्चा भागीदार बताते हुए कहा कि भारत आज चिप कंपनियों के लिए किसी 'गोल्डमाइन' से कम नहीं है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि सेमीकंडक्टर मिशन के पहले चरण के 8 बिलियन डॉलर के निवेश लक्ष्य को दूसरे चरण में बढ़ाकर 30.5 बिलियन डॉलर कर दिया गया है।

'सिलिकॉन टू सिस्टम्स' पर आधारित है आयोजन

यह महाकुंभ 17 से 19 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य विषय 'सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम' रखा गया है। इस प्रदर्शनी में लगभग 15,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां (जिनमें करीब 300 विदेशी कंपनियां शामिल हैं) अपनी आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन कर रही हैं। सम्मेलन में छह देशों और 12 राज्यों के विशेष पवेलियन बनाए गए हैं, जहां 150 से ज्यादा वक्ता चिप निर्माण, एआई, एडवांस्ड पैकेजिंग और सप्लाई चेन जैसे अहम विषयों पर चर्चा कर रहे हैं।

'सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स' का अनूठा अनुभव

इस बार के आयोजन का मुख्य आकर्षण 'सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स' वैल्यू चेन एक्सपीरियंस है। इसके माध्यम से आगंतुकों को कच्चे माल (बालू) से लेकर शुद्ध सिलिकॉन, चिप निर्माण, एडवांस्ड पैकेजिंग, चिप डिजाइन और अंततः एक संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तैयार होने तक की पूरी प्रक्रिया को एक ही स्थान पर समझने का अवसर मिल रहा है।

स्टार्टअप्स, कौशल विकास और वैश्विक साझेदारी पर जोर

कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप पिच प्रतियोगिता, छात्र हैकाथॉन और इनोवेशन शोकेस का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 40 स्टार्टअप अपने समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके अलावा, 'वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन' के जरिए माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में रोजगार और प्रशिक्षण के अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उद्घाटन से पहले पीएम मोदी ने वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ राउंडटेबल बैठक भी की थी, जिसमें देश में एआई के तहत एक करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य पर भी जोर दिया गया।