इंजीनियर के पास लिफ्ट वाला बंगला और फ्लैट, करोड़ों की संपत्ति देखकर जांच एजेंसियां हैरान

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पटना। भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer) सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। निगरानी की विशेष टीमों ने पटना और पूर्णिया स्थित उनके तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

आय से 68% अधिक संपत्ति का खुलासा

सीनियर डीएसपी संतोष कुमार के अनुसार, सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ निगरानी थाने में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था।

  • अवैध संपत्ति का आकलन: प्रारंभिक जांच में अधिकारी के पास उनकी वैध आय के मुकाबले 1 करोड़ 97 लाख 58 हजार 70 रुपये (लगभग 68% अधिक) की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई है।

  • चल-अचल संपत्ति: निगरानी ने अब तक कुल सात अचल संपत्तियों का पता लगाया है, जिनका अनुमानित मूल्य लगभग ₹3.60 करोड़ है। इसके अलावा करीब ₹26 लाख की चल संपत्ति का भी आकलन किया गया है।

पटना से नोएडा तक फैला संपत्तियों का नेटवर्क

जांच के दौरान सत्येंद्र कुमार चौधरी, उनकी पत्नी उषा देवी और उनकी सास के नाम पर वर्ष 2011 से 2025 के बीच खरीदी गई कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं:

  • पटना (फुलवारीशरीफ): फुलवारीशरीफ में लिफ्ट, सोलर पैनल, 10 एसी और महंगे फर्नीचर से लैस एक भव्य पांच मंजिला मकान मिला है। इसके अलावा एजी कॉलोनी में एक तीन मंजिला भवन के दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

  • नौबतपुर व दानापुर: नौबतपुर में 74 डिसमिल के चार प्लॉट और दानापुर में 7.18 डिसमिल जमीन के कागजात मिले हैं।

  • ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा स्थित एक प्रीमियम फ्लैट के रिकॉर्ड भी जांच टीम ने कब्जे में लिए हैं।

हाल ही में मिला था प्रमोशन

सत्येंद्र कुमार चौधरी को जुलाई 2026 में कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) से पदोन्नत कर अधीक्षण अभियंता बनाया गया था, जिसके बाद उनकी पोस्टिंग पटना से पूर्णिया अंचल में हुई थी।

निगरानी अधिकारियों के अनुसार, बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट और वित्तीय निवेशों से जुड़े दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है। कागजातों की पूर्ण जांच के बाद अवैध संपत्ति का अंतिम मूल्यांकन कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।