कोटपूतली-बहरोड़। निकाय चुनावों के संपन्न होने के उपरांत बहरोड़ तहसील कार्यालय में आयोजित पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान शुक्रवार को जबरदस्त प्रशासनिक और राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। पार्षदों को शपथ दिलाने की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखा विवाद उत्पन्न हो गया। देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप धारण कर लिया और परिसर में जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
शपथ ग्रहण में बाधा डालने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांग्रेस पार्टी के दो नवनिर्वाचित पार्षद औपचारिक शपथ ग्रहण प्रक्रिया हेतु सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) नेहा राठी के समक्ष उपस्थित हुए थे। कांग्रेस का आरोप है कि वहां मौजूद प्रशासनिक अमले और पुलिस द्वारा पार्षदों को नियमानुसार शपथ लेने से रोकने का प्रयास किया गया, जिसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता लामबंद हो गए।
विधायक ललित यादव और एएसपी के बीच तीखी झड़प
विवाद की सूचना मिलते ही स्थानीय कांग्रेस विधायक ललित यादव तथा विधानसभा प्रभारी संजय यादव तहसील कार्यालय पहुंचे। दोनों नेताओं ने प्रशासनिक रवैये पर कड़ा एतराज जताया। इसी दौरान विधायक ललित यादव की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुरेश खींची से तीखी बहस हो गई। कांग्रेस पक्ष का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान एएसपी द्वारा धक्का-मुक्की की गई, जिससे कार्यकर्ताओं का आक्रोश और बढ़ गया तथा परिसर में पुलिस-प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी तेज हो गई।
भारी पुलिस बल तैनात, तनाव बरकरार
तहसील परिसर में बढ़ते तनाव और समर्थकों की उमड़ती भीड़ को देखते हुए तत्काल प्रभाव से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बुलाया गया। अधिकारियों ने आक्रोशित कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर स्थिति पर काबू पाने का प्रयास किया।
सभापति पद की रस्साकशी से जुड़ी है खींचतान
निकाय चुनाव के परिणामों के बाद से ही बहरोड़ में सभापति पद की कुर्सी को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं। ऐसे में शपथ ग्रहण के दौरान हुए इस घटनाक्रम को बेहद अहम माना जा रहा है। वहीं, एएसपी सुरेश खींची एवं पुलिस प्रशासन का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था कायम रखना था। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती जारी है।









