इंदौर। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति वाले एक वीडियो को लेकर राजनीतिक हलकों में तीव्र विवाद उत्पन्न हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने कार्यक्रम के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं एक बुजुर्ग महिला को लेकर की गई मिमिक्री पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए राहुल गांधी तथा कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया है। उल्लेखनीय है कि विवादित वीडियो कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा किया गया था।
प्रसारित वीडियो में मंच पर राहुल गांधी के साथ मिमिक्री कलाकार पुलकित मनी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों और विदेशी नेताओं से मुलाकातों की शैली का अभिनय करते नजर आए। हालांकि, इस दौरान एक चुनावी जनसभा के संदर्भ में पीएम मोदी द्वारा बुजुर्ग महिला को कुर्सी देने के वाक्य का उपहास उड़ाए जाने पर विवाद गहरा गया।
भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी की प्रतिक्रिया पर खड़े किए सवाल
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राहुल गांधी के आचरण पर तीव्र प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने मंच पर उपस्थित होकर उस समय हंसी व्यक्त की, जब एक बुजुर्ग महिला एवं नारी शक्ति का उपहास उड़ाया जा रहा था। केसवन ने कहा कि कोई भी मर्यादित व्यक्ति इस प्रकार के अशोभनीय व्यवहार का समर्थन नहीं कर सकता, परंतु राहुल गांधी मंच पर इस पूरी घटना का आनंद लेते दिखाई दिए।
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार की राजनीति और संस्कृति के कारण ही युवा वर्ग कांग्रेस से विमुख हो रहा है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण हालिया छात्र संघ चुनावों में पार्टी की असफलता है। केसवन के अनुसार, जहां एक ओर प्रधानमंत्री ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बुजुर्ग महिला हेतु व्यवस्था की थी, वहीं राहुल गांधी के मंच से उस विषय का उपहास बनाया गया।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने नैतिक पतन का लगाया आरोप
मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस कृत्य को शर्मनाक और घृणित करार दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों से संवाद के मंच का उपयोग प्रधानमंत्री तथा पारिवारिक संस्कारों पर व्यक्तिगत कटाक्ष करने के लिए किया गया, जो बुनियादी मानवीय संवेदनाओं और राजनीतिक मर्यादाओं के पतन को दर्शाता है।
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद नीतियों एवं सिद्धांतों के आधार पर होने चाहिए, न कि व्यक्तिगत एवं निम्नस्तरीय टिप्पणियों के माध्यम से। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद एक संवैधानिक एवं गरिमामय पद है, परंतु राहुल गांधी इस पद की गरिमा और जिम्मेदारी को बनाए रखने में लगातार असफल सिद्ध हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भाजपा का तीखा हमला
भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से भी उक्त वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस की राजनीतिक सोच पर प्रश्नचिह्न लगाए गए। पार्टी की ओर से कहा गया कि यह घटनाक्रम संस्कारों और दिखावे की राजनीति के मध्य अंतर को स्पष्ट करता है। भाजपा ने कहा कि बुजुर्गों के प्रति इस प्रकार का रवैया देश के राजनीतिक एवं सामाजिक मूल्यों के विपरीत है।









