बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक अत्यंत दुखद एवं झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। गुंडरदेही थाना क्षेत्र के एक गांव में 10 और 12 वर्ष की दो नाबालिग बालिकाओं के साथ यौन उत्पीड़न की जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। घटना उस समय घटी जब पूरा गांव विश्वकर्मा जयंती के धार्मिक आयोजन एवं पूजा-अर्चना में व्यस्त था। आरोपी ने इसी व्यस्तता का अनुचित लाभ उठाते हुए दोनों बच्चियों को अपनी साइकिल पर बिठाकर सुनसान खेत की ओर ले जाकर इस घृणित कृत्य को अंजाम दिया।
खेत में वारदात को अंजाम देने के बाद प्रलोभन देने का प्रयास
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी ने दोनों बालिकाओं को बहला-फुसलाकर अपनी साइकिल पर बिठाया और गांव से दूर एक खेत में ले गया। वहां उसने दोनों मासूमों के साथ दुष्कर्म किया। घटना के उपरांत आरोपी ने कृत्य पर पर्दा डालने और बच्चियों को किसी से भी शिकायत न करने हेतु ₹50-₹50 का प्रलोभन देकर चुप कराने का प्रयास किया।
वारदात के उपरांत भयभीत एवं मानसिक रूप से व्यथित अवस्था में घर पहुंचीं बालिकाओं ने परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों ने बिना किसी विलंब के गुंडरदेही थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एवं आरोपी की पहचान
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि घटना वाले दिन आरोपी को दोनों नाबालिग बालिकाओं के साथ साइकिल पर खेत की दिशा में जाते हुए गांव के कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने देखा था। गिरफ्तार आरोपी शादीशुदा है तथा दो बच्चों का पिता है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 24 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए गुंडरदेही थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई प्रारंभ की। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी ललित ठाकुर को 24 घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया।
19 सितंबर को पुलिस ने अभियुक्त को सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2), 137(2) एवं यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम वैधानिक विवेचना प्रारंभ कर दी है।









