‘छात्रों की गूंज’ पर भाजपा के आरोपों का कांग्रेस ने दिया जवाब, राहुल के समर्थन में उतरी पार्टी

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नई दिल्ली| मध्य प्रदेश के व्यावसायिक केंद्र इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं कांग्रेस के मध्य राजनीतिक खींचतान और अधिक तीव्र हो गई है। मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री एवं राजनीतिक कटाक्षों पर भाजपा के तीखे हमलों के पश्चात अब संपूर्ण कांग्रेस पार्टी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के समर्थन में उतर आई है। कांग्रेस ने मिमिक्री विवाद पर भाजपा के दृष्टिकोण को अलोकतांत्रिक करार देते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तंत्र देश की शैक्षणिक व्यवस्था को निरंतर कमजोर कर रहा है।

जयराम रमेश का केंद्र सरकार पर तीखा हमला

कांग्रेस के वरिष्ठ महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने उस प्रशासनिक एवं राजनीतिक तंत्र का अनावरण किया है जो विद्यार्थियों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों, अर्थव्यवस्था एवं संवैधानिक संस्थाओं के स्वायत्त स्वरूप को प्रभावित किया जा रहा है। रमेश के अनुसार, छात्र वर्ग प्रश्न पूछकर शासन से जवाबदेही सुनिश्चित करता है, और राहुल गांधी द्वारा उनकी मांगों को समर्थन दिए जाने से देश भर के युवाओं में नया विश्वास जागृत हुआ है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मिमिक्री को बताया सामान्य प्रक्रिया

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने राहुल गांधी का पक्ष लेते हुए कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में शीर्ष पदों पर आसीन व्यक्तियों पर होने वाले व्यंग्य एवं मिमिक्री को सहजता से स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में आलोचना और व्यंग्य राजनीति का एक स्वाभाविक अंग होते हैं, तथा इस पर अत्यधिक संवेदनशीलता दर्शाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुकूल नहीं है।

प्रमोद तिवारी ने युवाओं के मुद्दों पर घेरा

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने युवाओं और विद्यार्थियों के वास्तविक संकट को रेखांकित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था को छात्रों के भविष्य, रोजगार एवं शिक्षा की गुणवत्ता की चिंता नहीं है। तिवारी के अनुसार, इंदौर के कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष ने विद्यार्थियों की इसी पीड़ा और प्रणालीगत विफलताओं को उजागर किया था।

राहुल गांधी ने संस्थागत व्यवस्था पर उठाए थे प्रश्न

इंदौर में छात्रों से संवाद स्थापित करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि एक पारदर्शी एवं सुदृढ़ व्यवस्था प्रश्नों का स्वागत करती है, जबकि वर्तमान तंत्र सवाल पूछने वाले युवाओं के स्थान पर केवल समर्थन व्यक्त करने वाले वर्ग को प्राथमिकता देता है। उन्होंने आरोप लगाया था कि देश के शीर्ष नीति-निर्माता एवं उद्योगपति मिलकर संस्थागत निर्णयों को प्रभावित कर रहे हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि और भाजपा के आरोप

उल्लेखनीय है कि इस संपूर्ण विवाद का प्रारंभ इंदौर के कार्यक्रम में मंच पर एक मिमिक्री कलाकार द्वारा प्रस्तुत किए गए अभिनय से हुआ था, जिसमें एक चुनावी रैली के दौरान बुजुर्ग महिला को कुर्सी प्रदान करने संबंधी वाक्य का उपहास उड़ाया गया था। भाजपा नेताओं एवं केंद्रीय मंत्रियों ने इसे नारी शक्ति तथा पारिवारिक संस्कारों का अपमान करार दिया था। भाजपा ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने मंच पर उपस्थित रहकर इस कृत्य पर असंवेदनशीलता दिखाई, जो नेता प्रतिपक्ष के संवैधानिक पद की गरिमा के विपरीत है।