कानपुर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सराहना की और साथ ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने विपक्षी दलों को गठबंधन का प्रस्ताव भी दिया है।
नितिन गडकरी का जताया आभार
ओवैसी ने एक मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि बिहार में जीते उनके पांच विधायकों ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की थी। गडकरी ने करीब 45 मिनट तक बैठकर सभी विधायकों की बात ध्यान से सुनी, जिसमें क्षेत्र के पुल और अंडरपास से जुड़े मुद्दे शामिल थे। ओवैसी ने बताया कि उनके कहने पर केंद्रीय मंत्री ने तुरंत फोन लगाकर अधिकारियों को काम जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए।
यूपी सरकार और आगामी चुनाव पर निशाना
उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और शासन प्रणाली पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने कहा कि आगामी 2027 का विधानसभा चुनाव पिछले चुनावों से काफी अलग और चुनौतीपूर्ण होने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं और राज्य में कानून के शासन का मनमाने ढंग से उल्लंघन हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर से जुड़े मामलों की एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक करने और आरोपियों को जमानत मिलने पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
विपक्ष को गठबंधन का ऑफर और मदरसों का मुद्दा
उत्तर प्रदेश में बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए ओवैसी ने विपक्षी दलों से हाथ मिलाने की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 2 अक्टूबर तक किसी संभावित राजनीतिक गठबंधन का इंतजार करेगी। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे यूपी विधानसभा में मुसलमानों की मजबूत आवाज बनने के लिए एआईएमआईएम का साथ दें। इसके अलावा, उन्होंने मदरसों के खिलाफ उठाए गए कदमों पर बीजेपी सरकार की आलोचना की और देश के स्वतंत्रता संग्राम में मुस्लिम उलेमाओं व धार्मिक विद्वानों के ऐतिहासिक योगदान को याद किया।









