रसिका दुग्गल के लिए गेमचेंजर बना ओटीटी, इसे बताया ‘किस्मत बदलने वाला आंदोलन’

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मुंबई। हाल ही में अभिनेत्री नेहा धूपिया और अभिनेता अंगद बेदी के शो 'डबल डेट' में बॉलीवुड अभिनेत्री रसिका दुग्गल ने अपने जीवन और फिल्मी सफर के संघर्षों को लेकर खुलकर बात की। इस दौरान नेहा धूपिया ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने खुद को एक खास जॉनर (विधा) के रूप में स्थापित कर लिया है, जो वाकई सराहनीय है।

संघर्ष और सफलता का दशक

रसिका दुग्गल ने उस निर्णायक पल को याद किया जब उन्हें अहसास हुआ कि फिल्म इंडस्ट्री में अब उनकी एक पक्की जगह बन गई है और उनके काम में निरंतरता आ गई है। उन्होंने बताया कि उनके करियर में यह ठहराव और निरंतरता का दौर वर्ष 2016-17 के बीच आया, जो कि उनके एफटीआईआई (FTII) से वर्ष 2006 में पास आउट होने के पूरे 10 साल बाद था। इससे पहले उन्हें 'किस्सा' और 'क्षय' जैसी फिल्मों में बेहतरीन कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला था, हालांकि 2016 के बाद के प्रोजेक्ट्स ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई।

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का बड़ा योगदान

रसिका ने बताया कि उनके करियर में आए इस बड़े उछाल और बदलाव की मुख्य वजह ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का आना था। उन्होंने ओटीटी के उदय को एक आंदोलन की तरह बताया, जिसने उनके साथ-साथ कई अन्य प्रतिभाशाली कलाकारों को भी नई पहचान और दिशा दी। इसके बाद उन्हें 'मंटो', 'मिर्जापुर' और 'दिल्ली क्राइम' जैसे चर्चित प्रोजेक्ट्स लगातार मिलने लगे।

'मिर्जापुर: द मूवी' से जुड़ी खास बातें

रसिका दुग्गल की हालिया रिलीज फिल्म 'मिर्जापुर: द मूवी' है, जिसमें उन्होंने बीना त्रिपाठी का मुख्य किरदार निभाया है। यह फिल्म वेब सीरीज का कोई अगला सीजन नहीं, बल्कि 'मिर्जापुर' की दुनिया को बड़े पर्दे पर एक नए कैनवस पर पेश करती है, जिसमें कुछ नए किरदारों के साथ अनसुलझे सवालों के जवाब और बैकस्टोरी देखने को मिलती है। अमेजन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है, जबकि इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है।