पणजी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने अपने गोवा दौरे के दौरान पार्टी के बहुचर्चित जनसंपर्क अभियान 'गोंय राखण यात्रा' के समापन समारोह में शिरकत की। राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को सहेजने के उद्देश्य से गत 22 सितंबर को आरंभ की गई यह व्यापक पदयात्रा गोवा की सभी 40 विधानसभा सीटों के कोने-कोने तक पहुँची। कांग्रेस पार्टी द्वारा इसे गोवा की मूल भूमि, पर्यावरण, संस्कृति और विशिष्ट पहचान को बाहरी और आंतरिक खतरों से बचाने के लिए एक निर्णायक जन-आंदोलन के रूप में चलाया गया था, जिसके तहत राज्यभर में स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया गया।
भूमि उपयोग और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर जनता की आवाज
इस महत्वाकांक्षी अभियान के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गोवा में भूमि के अंधाधुंध इस्तेमाल, अवैध भू-परिवर्तन, बढ़ती बेरोजगारी, प्रशासनिक भ्रष्टाचार और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों को प्रमुखता से उठाया। पार्टी का स्पष्ट मत है कि पर्यटन और विकास के नाम पर गोवा की प्राचीन संस्कृति, हरे-भरे पर्यावरण और स्थानीय भू-भाग से खिलवाड़ किया जा रहा है। यात्रा के माध्यम से कांग्रेस ने इन तमाम ज्वलंत मुद्दों पर आम जनता को एकजुट करने और हर निर्वाचन क्षेत्र में जनचेतना फैलाने का सफल प्रयास किया।
'गोंय राखण यात्रा' का उद्देश्य और मडगांव में भव्य समापन
'गोंय राखण यात्रा' वास्तव में गोवा की मिट्टी, पर्यावरण और स्थानीय पहचान को बचाने के लिए कांग्रेस का एक बड़ा जनसंपर्क अभियान था। राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने के बाद इस बहुचर्चित यात्रा का आज मडगांव में राहुल गांधी की विशाल जनसभा और संबोधन के साथ ऐतिहासिक समापन हुआ। इस दौरान पार्टी नेतृत्व ने गोवा के स्वाभिमान और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर पुरजोर तरीके से दोहराया।



