खंडवा (मध्य प्रदेश)। गणेशोत्सव के समापन पर प्रतिमा विसर्जन के दौरान भक्तों में जहां एक ओर पारंपरिक उत्साह और उमंग देखने को मिलती है, वहीं खंडवा जिले के नाहल्दा गांव में यह पावन अवसर एक भीषण त्रासदी में बदल गया। यहां भगवान गणेश की प्रतिमा विसर्जन के वक्त एक खदान में डूबने से दो सगे भाइयों की मृत्यु हो गई, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
विसर्जन के दौरान हुआ हादसा और रेस्क्यू ऑपरेशन
प्राप्त विवरण के अनुसार, गणेश विसर्जन के पावन पर्व पर दो सगे भाई मूर्ति के साथ जलस्रोत (खदान) में उतरे थे, जहां गहरे पानी में जाने के कारण वे डूब गए। इस हृदयविदारक दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और होमगार्ड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। गोताखोरों तथा स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से दोनों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान (रेस्क्यू ऑपरेशन) चलाया गया। कड़े प्रयासों के उपरांत रात्रि लगभग 10:15 बजे दोनों बालकों के शव पानी से बाहर निकाले गए, जिन्हें तत्पश्चात पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल खंडवा प्रेषित कर दिया गया।
पांच बच्चे डूबे थे, तीन सुरक्षित बचाए गए
इस दुर्घटना के संबंध में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके अनुसार यह घटना सायं करीब 4:30 बजे घटित हुई। विसर्जन के दौरान अचानक पांच बच्चे गहरे पानी में डूबने लगे थे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सतर्क ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनमें से 3 बालकों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, किंतु दोनों सगे भाई गहरे पानी के दलदल में समा गए। जल में डूबने के कारण 17 वर्षीय विश्वास और 16 वर्षीय लक्ष की जीवनलीला समाप्त हो गई।
सड़क निर्माण के लिए खोदी गई थी खदान
यह दुर्घटना एक ऐसी खदान में हुई जिसे सड़क निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी निकालने के लिए खोदा गया था और मूसलाधार बारिश के कारण उसमें भारी मात्रा में पानी भर गया था। यह स्थान जिला प्रशासन द्वारा विसर्जन के लिए निर्धारित या अधिकृत स्थलों की सूची में शामिल नहीं था। ग्रामीण प्रशासन के निर्देशों की अनदेखी कर पारंपरिक स्थानों के बजाय इस असुरक्षित खदान में प्रतिमा विसर्जन करने पहुंचे थे। आज सुबह नियमानुसार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण करने के पश्चात दोनों सगे भाइयों के शव उनके शोककुल परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
चला पांच घंटे तक तलाशी अभियान और पसरा मातम
घटना की सूचना मिलते ही होमगार्ड के जवान आधुनिक उपकरणों और नावों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तलाशी अभियान आरंभ किया। इस दौरान घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई और स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर पर युवकों की खोजबीन में पूरा सहयोग किया। लगभग 5 घंटे तक चले इस कठिन रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों के शव बरामद किए जा सके। इस अकल्पनीय वज्रपात से दोनों बच्चों के पिता तथा अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और इस मर्माहत करने वाली घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।









