नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के तिलक नगर विधानसभा क्षेत्र में एक करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क की गुणवत्ता की जांच के दौरान उपजा विवाद अब बड़ा राजनीतिक भूचाल बन चुका है। निर्माण कार्य की पोल खुलने के बाद मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जरनैल सिंह के बीच तीखी झड़प हुई। आरोप है कि मंत्री ने वीडियो बना रहे एक वीडियोग्राफर को थप्पड़ जड़ दिया, जिसके बाद आप नेताओं ने डीसीपी कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया और पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है।
सड़क के उद्घाटन के अगले ही दिन खड़े हुए सवाल
पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा तिलक नगर क्षेत्र में जिला सेंटर से केशवपुरम सब्जी मंडी तक लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से सड़क का निर्माण कराया गया था। इस मार्ग का उद्घाटन शनिवार को ही किया गया था, लेकिन उद्घाटन के महज 24 घंटे के भीतर ही आप विधायक जरनैल सिंह ने सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए एक वीडियो जारी कर दिया। विधायक का दावा था कि सड़क का निर्माण बेहद घटिया स्तर का हुआ है और इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है।
महत्वपूर्ण बिंदु: उद्घाटन के अगले ही दिन सड़क उखड़ने की शिकायतों के बाद विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद मंत्री ने खुद फोन कर विधायक को मौके पर बुलाया था।
मौके पर क्या हुआ? (आरोप और प्रत्यारोप)
रविवार को मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के बुलाने पर विधायक जरनैल सिंह अपने समर्थकों और वीडियोग्राफर साहिब सिंह के साथ मौके पर पहुंचे।
वीडियोग्राफर के आरोप: पीड़ित साहिब सिंह का कहना है कि जब विधायक ने सड़क को खींचकर दिखाया तो वह पापड़ की तरह उखड़ गई। यह सच कैमरे में रिकॉर्ड होते देख मंत्री प्रवेश वर्मा भड़क उठे, उन्होंने फोन छीना, हाथ मरोड़ा और सबके सामने थप्पड़ मार दिया। साथ ही समर्थकों से धमकी भी दिलवाई गई।
विधायक जरनैल सिंह का पक्ष: आप विधायक ने आरोप लगाया कि मंत्री भ्रष्टाचार का पर्दाफाश होने से बौखला गए थे। जब सच कैमरे पर आ गया तो मंत्री से बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने सीधे तौर पर वीडियोग्राफर पर हाथ उठा दिया।
मंत्री प्रवेश वर्मा की सफाई: दूसरी ओर, मंत्री प्रवेश वर्मा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया है। उन्होंने दावा किया कि आप कार्यकर्ता ने उनके परिवार को गालियां दी थीं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, मंत्री ने विधायक जरनैल सिंह पर विकासपुरी रिंग रोड के निर्माण के दौरान इंजीनियरों के माध्यम से ठेकेदारों से कमीशन मांगने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
डीसीपी ऑफिस के बाहर धरना और पुलिस की कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद आप नेताओं ने मंत्री के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। हालांकि पुलिस द्वारा तुरंत मामला दर्ज न किए जाने से आप नेता भड़क गए।
धरना प्रदर्शन: आप प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक जरनैल सिंह और विधायक कुलदीप कुमार भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ डीसीपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
पुलिस की सख्ती: रात करीब 10:45 बजे जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू किया, तो महिला कार्यकर्ताओं और पुलिस बल के बीच तीखी झड़प व धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सभी प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने पहुंचा दिया।
केजरीवाल का कड़ा रुख: इस पूरे मामले पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया के जरिए कड़ा विरोध जताया है। अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वे सोमवार को खुद मौके का मुआयना करने जाएंगे और इस मामले को लेकर सरकार को घेरेंगे।









