सरपंच चुनाव की तैयारी कर रहे निवर्तमान सरपंचों के लिए जरूरी खबर, पहले छोड़नी होगी कुर्सी

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जयपुर| राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को लड़ने के इच्छुक निवर्तमान सरपंचों के लिए राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग ने एक कड़ा नियम लागू किया है। इसके तहत चुनाव लड़ने वाले सभी निवर्तमान सरपंचों को अपना नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले प्रशासक पद से इस्तीफा देना होगा और आधिकारिक रूप से पदमुक्त होना अनिवार्य किया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य में पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में इन्हीं निवर्तमान सरपंचों को प्रशासनिक कामकाज संभालने के लिए प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। राज्य निर्वाचन आयोग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार, केवल त्यागपत्र देना ही काफी नहीं होगा, बल्कि नामांकन पत्र जमा करने से पहले विधिवत रूप से पदमुक्ति का आदेश जारी होना भी आवश्यक है। यदि नामांकन की तिथि से पूर्व त्यागपत्र स्वीकृत नहीं होता है, तो संबंधित दावेदार का नामांकन पत्र खारिज कर दिया जाएगा।

नामांकन से पहले पदमुक्ति क्यों है जरूरी?

वर्तमान में प्रदेश की कुल 10,290 ग्राम पंचायतों में निर्वर्तमान सरपंच ही प्रशासक के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। इस संबंध में पंचायती राज विभाग ने स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट कर दी है। विभाग द्वारा जारी किए गए हालिया आदेश के अनुसार, संबंधित जिला कलेक्टर प्रशासक के रूप में कार्यरत इन निवर्तमान सरपंचों का इस्तीफा स्वीकार कर उन्हें पदमुक्त करने के आदेश जारी करने के लिए अधिकृत हैं। इसके साथ ही, शासन स्तर पर इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि सभी ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों को एक साथ उनके पदों से हटा दिया जाए ताकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष हो सके।

राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के कानूनी प्रावधान

आगामी पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रशासकों के लिए वैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन करना अनिवार्य है। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम की धारा 36 के अंतर्गत निर्वाचित सरपंचों सहित विभिन्न स्थानीय निकायों के पदाधिकारियों के इस्तीफे से जुड़े स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। इस प्रावधान के नियमों के मुताबिक, कोई भी सरपंच अपना त्यागपत्र संबंधित विकास अधिकारी (VDO/BDO) को सौंप सकता है। सामान्य परिस्थितियों में यह इस्तीफा राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम (इलेक्शन शेड्यूल) की घोषणा के 15 दिन पश्चात प्रभावी माना जाता है। इसी कानूनी नियम के चलते अब निवर्तमान सरपंचों के लिए समय रहते इस्तीफा देना और उसकी स्वीकृति प्राप्त करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।