बालाघाट में राहुल गांधी ने सुना परिवारों का दर्द, जगला गांव में पीड़ितों से मुलाकात

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बालाघाट| लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार (1 अक्टूबर) को बालाघाट जिले के जगलागाँव पहुँचे, जहाँ उन्होंने हाल ही में मृत हुए आदिवासी बच्चों के शोकसंतप्त परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढाँढस बँधाया। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, बैहर के विधायक संजय उइके तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री हिना कांवरे भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ दौरा

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इस अचानक और संवेदनशील दौरे को देखते हुए जगलागाँव में स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बेहद चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। गाँव में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जाँच की जा रही थी। गाँव के मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिस द्वारा मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी, और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी वहाँ एकत्रित हुए थे। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत राहुल गांधी जिन पीड़ित परिवारों से मिलने वाले थे, उनकी भी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा विधिवत जाँच की गई।

महज 12 दिनों के भीतर राहुल गांधी का दूसरा मध्य प्रदेश दौरा

गौरतलब है कि राहुल गांधी इससे पहले 19 सितंबर 2026 को इंदौर के दौरे पर आए थे। उस दौरान उन्होंने रीजनल पार्क के निकट स्थित आईएडी पार्क में आयोजित 'छात्रों की गूंज' नामक कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया था। इस कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेश के युवाओं और छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया था तथा रोजगार, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की थी। इसी कार्यक्रम के दौरान एक स्थानीय युवक ने उनके सामने बालाघाट की इस दुर्घटना और घटना से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। पिछले 12 दिनों के भीतर राहुल गांधी का यह दूसरा मध्य प्रदेश दौरा है।

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और बीजेपी की तीखी प्रतिक्रिया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के इस दौरे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी मध्य प्रदेश के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने छिंदवाड़ा की घटना का भी संज्ञान लिया था और इंदौर में भी वे सीधे पीड़ितों से मिलने पहुँचे थे। उन्होंने सागर जहरीली शराब कांड की भी पूरी जानकारी ली है। पटवारी ने स्पष्ट किया कि हमारी पार्टी का उद्देश्य किसी भी प्रकार की राजनीति करना नहीं है, बल्कि हम केवल आदिवासियों का सर्वांगीण उत्थान चाहते हैं।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस दौरे पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बयान देते हुए कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं, वे बालाघाट आएं, इसमें कोई हर्ज नहीं है, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि देश और प्रदेश में नक्सलवाद आखिर किसके शासनकाल में पनपा था। उन्होंने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान मंत्री रहे लिखिराम कांवरे की निर्मम हत्या कर दी गई थी, तो क्या राहुल गांधी या कांग्रेस के किसी बड़े नेता ने कभी उनके परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की थी?

भाजपा नेता ने आगे कहा कि आज यदि बालाघाट क्षेत्र विकास के मामले में पिछड़ा हुआ है और वहाँ आवश्यक बुनियादी ढाँचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) नहीं बन पाया है, तो इसके लिए मुख्य रूप से किसकी नीतियाँ जिम्मेदार हैं? उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सुदृढ़ नेतृत्व में देश और क्षेत्र से नक्सलवाद का सफाया किया जा रहा है तथा सरकार द्वारा स्कूलों के निर्माण से लेकर अन्य सभी विकासात्मक कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।