कांग्रेस का नया सियासी फॉर्मूला, पंजाब में परगट तो यूपी में मोना पर भरोसा

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नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों की आहट के बीच कांग्रेस पार्टी ने पंजाब और उत्तर प्रदेश दोनों महत्वपूर्ण राज्यों में अपने प्रांतीय संगठन में भारी फेरबदल करते हुए नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। इन बदलावों के जरिए पार्टी ने चुनावी रणनीति के साथ-साथ क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की पूरी कोशिश की है।

पंजाब में परगट सिंह को कमान और गुटबाजी की चुनौती

पंजाब में कांग्रेस ने नेतृत्व परिवर्तन करते हुए अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के स्थान पर विधायक परगट सिंह को नया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया है।

  • संगठन में खींचतान: वडिंग के कार्यकाल के दौरान पार्टी के भीतर लगातार अंदरूनी कलह और गुटबाजी की खबरें सामने आ रही थीं। पार्टी प्रभारी सचिन पायलट द्वारा राज्य के नेताओं से लिए गए विस्तृत फीडबैक के बाद आलाकमान ने यह सख्त कदम उठाया।

  • दोआबा क्षेत्र में प्रभाव: जालंधर कैंट से विधायक और पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी परगट सिंह का राजनीतिक आधार दोआबा क्षेत्र में मजबूत है। ऐसे में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती बिखरे हुए गुटों को एकजुट कर आगामी चुनावों के लिए एक मजबूत चुनावी संगठन तैयार करने की होगी।

उत्तर प्रदेश में आराधना मिश्रा 'मोना' को जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस ने बड़ा बदलाव करते हुए अजय राय को पद से हटाकर तीन बार की विधायक आराधना मिश्रा 'मोना' को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही, पार्टी ने संतुलन बनाते हुए इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है।

  • रणनीतिक बदलाव: अजय राय ने 2024 के लोकसभा चुनावों में वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कड़ा मुकाबला किया था, लेकिन पार्टी प्रभारी राजेंद्रपाल गौतम के साथ उनकी बढ़ती अनबन की चर्चाओं के चलते यह संगठनात्मक फेरबदल अहम माना जा रहा है।

  • सामाजिक समीकरण: ब्राह्मण चेहरे के रूप में आराधना मिश्रा और मुस्लिम चेहरे के तौर पर इमरान मसूद की नियुक्ति से कांग्रेस ने यूपी में अपने सामाजिक और जातीय समीकरणों को नए सिरे से साधने का संदेश दिया है।

दोनों राज्यों में यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।