युवाओं से बोले बिरला- सत्य, अहिंसा और अनुशासन से मजबूत होगा विकसित भारत

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नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान देश के विभिन्न कोनों से पहुंचे 500 से अधिक विद्यार्थियों ने दोनों महान विभूतियों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

गणमान्य हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों एवं पूर्व सांसदों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। समारोह से पहले दिग्गजों ने राजघाट और विजय घाट जाकर दोनों नेताओं की समाधियों पर भी श्रद्धांजलि दी।

'नो योर लीडर' कार्यक्रम और युवाओं को संदेश

समारोह के दौरान आयोजित 'नो योर लीडर' कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देश के युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने युवा पीढ़ी से गांधी और शास्त्री के जीवन मूल्यों, विचारों और जनसेवा की भावना से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। बिरला ने कहा कि 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए युवाओं को अपने जीवन में सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को आत्मसात करना चाहिए। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए 36 चयनित युवाओं ने गांधी और शास्त्री के जीवन दर्शन और उनके अमूल्य योगदान पर अपने विचार साझा किए।

शास्त्री के आदर्श और 'जय जवान, जय किसान' का नारा

लोकसभा अध्यक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की असाधारण सादगी, ईमानदारी और संकट के समय कड़े निर्णय लेने की उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी द्वारा दिया गया 'जय जवान, जय किसान' का नारा देश के अत्यंत कठिन दौर में एक मार्गदर्शक साबित हुआ था, जिसने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ कृषि और खाद्य सुरक्षा के महत्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका

अपने संबोधन के अंत में बिरला ने कहा कि आज के युवाओं के पास आधुनिक तकनीक, ज्ञान और प्रचुर संसाधन उपलब्ध हैं, लेकिन जीवन में किसी भी बड़े लक्ष्य को पाने के लिए धैर्य, उच्च नैतिक आचरण और निरंतर प्रयास बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि देश के समग्र विकास में अपना सार्थक योगदान देने का दृढ़ संकल्प भी होना चाहिए।