मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन पर कड़ा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष देश में अराजकता का माहौल पैदा करने और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता के मन में अविश्वास फैलाने की सुनियोजित कोशिश कर रहा है।
‘संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का षड्यंत्र’
मुंबई में कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि दिल्ली में विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे आंदोलनों का मुख्य उद्देश्य देश की संवैधानिक संस्थाओं को लगातार बदनाम करना है। इन संस्थाओं पर आम जनता का भरोसा कमजोर करने के लिए ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि मानो देश की संस्थाएं काम नहीं कर रही हैं और नागरिकों को न्याय मिलना असंभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से ऐसी भ्रामक धारणा गढ़े जाने के बाद उनका अगला संभावित कदम सीधे तौर पर देश के संविधान पर ही सवाल खड़े करना हो सकता है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेता एक हाथ में संविधान लेकर प्रदर्शन जरूर कर रहे हैं, लेकिन उनकी जमीनी गतिविधियां पूरी तरह से संविधान की मूल भावना के विपरीत हैं।
‘कट्टरपंथी वामपंथी सरकार लाना चाहती है विपक्षी गठबंधन’
मुख्यमंत्री ने आगे दावा किया कि संविधान के तहत बनी संस्थाओं को लगातार बेकार और अक्षम साबित करने का प्रयास एक बड़े राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। पहले यह नैरेटिव सेट किया जाता है कि संस्थाएं काम नहीं कर सकतीं, और इसके बाद यह प्रचारित किया जाता है कि संविधान भी न्याय देने में सक्षम नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘इंडिया’ गठबंधन का असली मकसद देश में एक कट्टरपंथी वामपंथी व्यवस्था लाना है, जिसके तहत वे भारतीय संविधान को नकारना और जनता के मन में इसके प्रति नकारात्मकता बढ़ाना चाहते हैं।
दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को ‘इंडिया’ गठबंधन के कई बड़े नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में एक बड़ा मार्च निकाला था। विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा घेरा तोड़ने और नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।







