नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसकी मुख्य वजह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा जारी की गई आठ उम्मीदवारों की नई सूची है। इस सूची में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा को दोबारा मौका नहीं दिया गया है, क्योंकि इन दोनों का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है।
दिल्ली में एकनाथ शिंदे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक
इसी बीच, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने नई दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच लगभग एक घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद राजनीतिक कयासों का बाजार और गर्म हो गया है।
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कैबिनेट विस्तार और फेरबदल से जुड़े सवाल पर एकनाथ शिंदे ने बेहद नपे-तुले अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संबंध में सही समय पर उचित निर्णय लेंगे।
डॉ. श्रीकांत शिंदे के नाम को लेकर क्यों तेज हैं चर्चाएं?
केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार में कल्याण से लोकसभा सांसद और एकनाथ शिंदे के बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे का नाम सबसे आगे चल रहा है। प्रधानमंत्री से एकनाथ शिंदे की इस मुलाकात ने इन चर्चाओं को और बल दिया है।
हाल ही में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों के पाला बदलकर एकनाथ शिंदे के खेमे में आने के बाद लोकसभा में शिंदे गुट के सांसदों की कुल संख्या बढ़कर 13 हो गई है। संसद में संख्या बल और राजनीतिक वजन बढ़ने के कारण टीडीपी (TDP) के बाद एनडीए में शिवसेना दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी बन गई है। इसी समीकरण के चलते यह चर्चा है कि केंद्र सरकार में शिवसेना को एक और कैबिनेट मंत्री पद मिल सकता है, हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
हरदीप पुरी और बीएल वर्मा के टिकट कटने से मंत्रिमंडल फेरबदल के कयास
उत्तर प्रदेश से बीजेपी के जिन मौजूदा राज्यसभा सांसदों के कार्यकाल पूरे हो रहे हैं, उनमें हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा के अलावा कई अन्य बड़े नाम भी शामिल हैं, जिन्हें पार्टी ने इस बार रिपीट नहीं किया है। दो प्रमुख केंद्रीय मंत्रियों को दोबारा उम्मीदवार न बनाए जाने के बाद मोदी कैबिनेट में संभावित फेरबदल की चर्चाओं ने तूल पकड़ लिया है। हालांकि, सरकार या पार्टी संगठन की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बात पर नजरें टिकी हैं कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल और संगठनात्मक स्तर पर क्या नए बदलाव देखने को मिलते हैं।








