भोपाल. राजधानी में डिजिटल भुगतान को लेकर व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। यूपीआई ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर चार्ज लगाए जाने के विरोध में हनुमानगंज-जुमेराती स्थित चावल-दाल व्यापारी संघ ने आज नो यूपीआई डे के रूप में मनाने का बड़ा फैसला किया है। इस विरोध स्वरूप संघ ने बाजार के तमाम दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की है कि वे आज के दिन ग्राहकों से किसी भी प्रकार का यूपीआई भुगतान स्वीकार न करें, ताकि इस शांतिपूर्ण सांकेतिक आंदोलन के जरिए सरकार तक अपनी बात मजबूती से पहुंचाई जा सके।
छोटे और मध्यम कारोबारियों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि आज के समय में यूपीआई आम जनता और व्यापारियों दोनों के लिए ही लेनदेन का सबसे आसान, सुगम और तेज माध्यम बन चुका है। ऐसे में यदि यूपीआई भुगतानों पर एमडीआर चार्ज थोपा जाता है, तो इससे पहले से ही संघर्ष कर रहे छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर भारी आर्थिक दबाव बढ़ जाएगा। व्यापारियों का तर्क है कि वे हमेशा से देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में सरकार के साथ खड़े रहे हैं, इसलिए सरकार को इस तरह के शुल्कों से राहत देनी चाहिए।
सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की पुरजोर मांग
चावल-दाल व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेश रामरख्यानी और सचिव सचिन संगतानी ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश को डिजिटल बनाने के अभियान में व्यापारियों ने हमेशा बढ़-चढ़कर अपना सहयोग दिया है। संघ के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह एमडीआर से जुड़े अपने इस संभावित फैसले पर गंभीरता से पुनर्विचार करे और जमीनी स्तर पर काम कर रहे छोटे व मध्यम कारोबारियों की व्यावहारिक समस्याओं का पूरा संज्ञान ले। व्यापारियों ने एकजुट होकर इस एक दिवसीय सांकेतिक आंदोलन को पूरी तरह सफल बनाने और अपनी जायज मांग सरकार तक पहुंचाने की हुंकार भरी है।









