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नई दिल्ली: यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने की समयसीमा बढ़ सकती है, वित्त वर्ष के नियमों पर विचार
नई दिल्ली: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) से जुड़े डिजिटल लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने की तारीख को आगे बढ़ाया जा सकता है। मौजूदा समय में इसके आगामी 15 अक्टूबर से प्रभावी होने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब सरकार इस समयसीमा को आगे बढ़ाने से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमडीआर लागू करने की इस निर्धारित समयसीमा को 15 अक्टूबर से बढ़ाकर आगामी 1 जनवरी किए जाने का प्रस्ताव सामने आया है। इस संबंध में अगले कुछ ही दिनों में आधिकारिक निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। हालांकि, अभी तक तारीख बढ़ाए जाने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
क्या होता है मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर)?
मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर वह शुल्क होता है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले कारोबारियों से लेनदेन की पूरी प्रक्रिया को संचालित करने के लिए लिया जाता है। यूपीआई से जुड़े एमडीआर ढांचे में किसी भी प्रकार के बदलाव का सीधा असर भुगतान सेवा प्रदाता कंपनियों और डिजिटल पेमेंट से जुड़े संपूर्ण कारोबार पर पड़ सकता है।
यूपीआई एमडीआर पर जीएसटी दर घटाने की तैयारी
इसके अलावा, जीएसटी परिषद ने यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट पर लगने वाले माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को मौजूदा 18 प्रतिशत से घटाकर मात्र 5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया है। देश के अधिकांश राज्यों ने यूपीआई एमडीआर पर 18 प्रतिशत की उच्च जीएसटी दर को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं। नए प्रस्तावित यूपीआई एमडीआर फ्रेमवर्क के तहत केवल अधिक वित्तीय मूल्य वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर ही शुल्क लगाने की योजना है।
जीएसटी की दर को घटाकर 5 प्रतिशत करने का यह प्रस्ताव भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के लिए एक बेहद अहम समय पर आया है। नए यूपीआई फ्रेमवर्क के अंतर्गत, कुछ विशिष्ट शर्तों और छूट के प्रावधानों के साथ, 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा 'पर्सन-टू-मर्चेंट' (P2M) लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर तय किया गया है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, कुल 'पर्सन-टू-मर्चेंट' यूपीआई ट्रांजैक्शन में से लगभग 96 प्रतिशत हिस्से पर इसका कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
पेटीएम समेत प्रमुख फिनटेक कंपनियों के शेयरों में दर्ज की गई गिरावट
यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने की समयसीमा 15 अक्टूबर से बढ़ाकर एक जनवरी करने के प्रस्ताव पर विचार किए जाने की खबरों के बीच पेटीएम और वन मोबिक्विक सिस्टम्स समेत अन्य प्रमुख वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयर गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए।
लोकप्रिय पेटीएम ब्रांड का स्वामित्व रखने वाली कंपनी 'वन97 कम्युनिकेशंस' का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर कारोबार के दौरान एक समय 10 प्रतिशत तक लुढ़क कर 1,560.60 रुपये के स्तर पर आ गया था। हालांकि, बाद में इसमें कुछ रिकवरी जरूर देखने को मिली और यह अंततः 5.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,640 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।








