शाजापुर। मध्य प्रदेश शासन में प्रशासनिक फेरबदल के तहत 2017 बैच के युवा आईएएस अधिकारी डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े को शाजापुर जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इस जिम्मेदारी के मिलने से पहले वे इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। महाराष्ट्र के एक छोटे से कस्बे पुसद से निकलकर डॉक्टर बनने और फिर देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा तक का उनका सफर बेहद संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक रहा है।
बस कंडक्टर पिता और संघर्षशील मां की प्रेरणा
डॉ. परिक्षित झाड़े मूल रूप से महाराष्ट्र के पुसद शहर के रहने वाले हैं। उनके पिता महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम में बस कंडक्टर के रूप में कार्यरत थे, जबकि उनकी मां गृहिणी होने के साथ-साथ परिवार का खर्च चलाने के लिए सिलाई और ट्यूशन जैसे काम भी करती थीं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उनके माता-पिता ने बच्चों की शिक्षा पर सबसे ज्यादा जोर दिया। उनके बड़े भाई उनसे दो साल बड़े हैं और पेशे से इंजीनियर हैं। परिक्षित ने स्कूली शिक्षा के दौरान दसवीं कक्षा की मेरिट लिस्ट में जगह बनाने के बाद ही मीडिया में कलेक्टर बनने की इच्छा जता दी थी। हालांकि उस उम्र में उन्हें प्रशासनिक सेवाओं की बारीकियों का पूरा ज्ञान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपना मुकाम तय कर लिया था।
मां की इच्छा का सम्मान कर बने डॉक्टर, फिर चुनी आईएएस की राह
परिवार में बड़ा बेटा पहले ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुका था, इसलिए मां की दिली इच्छा थी कि परिक्षित डॉक्टर बनें। खुद परिक्षित की रुचि भी इंजीनियरिंग में थी, लेकिन मां के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने पहले एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। अपनी मां से उन्होंने स्पष्ट कह दिया था कि वे उनकी खातिर डॉक्टर तो जरूर बनेंगे, लेकिन इसके बाद वे अपने करियर का फैसला खुद लेंगे। मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने बचपन के सपने की ओर कदम बढ़ाया और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी में जुट गए। आखिरकार अपने अंतिम और कड़े प्रयासों के बल पर उन्होंने साल 2016 की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर आईएएस बनने का गौरव प्राप्त किया।
एसडीएम से लेकर आईडीए सीईओ तक का शानदार सफर
मध्य प्रदेश कैडर के 2017 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. परिक्षित झाड़े का जन्म 29 नवंबर 1989 को हुआ था। उन्होंने अपनी प्रशासनिक सेवा की शुरुआत मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के हरसूद में बतौर एसडीएम की थी। इसके बाद उन्होंने जिला पंचायत सतना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की जिम्मेदारी संभाली। फरवरी 2024 में उन्हें नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में अपर आयुक्त पद की कमान सौंपी गई, जिसके बाद सितंबर 2025 में उन्होंने इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के सीईओ का पदभार ग्रहण किया था। अब राज्य सरकार ने उन्हें शाजापुर जिले की प्रशासनिक कमान सौंपते हुए नया कलेक्टर बनाया है। इस फेरबदल में शाजापुर की पूर्व कलेक्टर ऋजु बाफना को उज्जैन संभाग में अपर आयुक्त (राजस्व) के पद पर पदस्थ किया गया है।






