राजस्थान में मौसम का मिला-जुला मिजाज, कई जिलों में आंधी की संभावना

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जयपुर। राजस्थान में शनिवार, 17 अक्टूबर को मौसम के दो अलग-अलग और दिलचस्प रूप देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश के एक तरफ जहां कई जिलों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान में अभी भी गर्मी का असर पूरी तरह बरकरार है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के 11 जिलों में आंधी और बारिश के आसार जताए गए हैं, जहां हवाओं की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। इसके विपरीत, जैसलमेर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि 18 अक्टूबर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की इन गतिविधियों में कमी आ जाएगी और मौसम साफ होने लगेगा।

जयपुर समेत कई इलाकों में बादल और गरज-चमक के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ चुनिंदा हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की वर्षा हो सकती है। जिन प्रमुख जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें चूरू, अजमेर, टोंक, बीकानेर, बूंदी, जयपुर, भरतपुर, श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़, धौलपुर और हनुमानगढ़ शामिल हैं। हालांकि, सभी स्थानों पर भारी बारिश के आसार नहीं हैं, बल्कि कुछ इलाकों में केवल आंशिक बादल छाने या गरज-चमक की स्थिति ही बन सकती है।

राजधानी जयपुर में आज आसमान में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। यहां का अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। इसके अलावा अलवर और सीकर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जहां गरज-चमक के साथ हल्की फुहारें भी पड़ सकती हैं।

जैसलमेर में गर्मी के तेवर तीखे, माउंट आबू में बारिश के आसार

प्रदेश के पश्चिमी छोर पर मौसम का मिजाज बिल्कुल जुदा नजर आ रहा है। जैसलमेर में गर्मी का असर बना हुआ है और अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश अन्य इलाकों में मौसम शुष्क बना हुआ है। इसके उलट, पर्यटन स्थल माउंट आबू में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश के आसार हैं। यहां अधिकतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जिससे वहां हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बदला मौसम

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, इस बदलाव के पीछे एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और विभिन्न क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) का प्रभाव है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण ही प्रदेश के कुछ चुनिंदा हिस्सों में अचानक बादल छाने और हल्की बारिश का दौर देखने को मिल रहा है।