दौसा। राजस्थान के दौसा जिला परिषद चुनाव के दौरान एक ऐसा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है, जिसने सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज कर दी है। वार्ड 19 से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री ममता भूपेश की पुत्री देवांगना भंडारी के नामांकन दाखिल करने के दौरान भाजपा के पूर्व विधायक नंदू बंसीवाल ने उन्हें मंच पर बुलाकर आशीर्वाद दिया। भाजपा के दिग्गज नेता द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार के सिर पर हाथ रखकर जीत का टीका लगाए जाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
नामांकन के दौरान हुआ वाकया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को कांग्रेस प्रत्याशी देवांगना भंडारी अपना नामांकन दाखिल करने कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। इसी दौरान वहां मौजूद भाजपा के पूर्व विधायक नंदू बंसीवाल ने समर्थकों की भीड़ के बीच देवांगना को अपने पास बुलाया। उन्होंने स्नेहपूर्वक उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और जीत का टीका लगाया। इस वाकये को वहां मौजूद कई लोगों ने देखा, और जब इसका वीडियो सामने आया तो दौसा की राजनीति में इसके अलग-अलग मायने निकाले जाने लगे।
क्यों हो रही है इस मुलाकात की चर्चा?
नंदू बंसीवाल को भाजपा का एक प्रभावशाली नेता माना जाता है और सिकराय क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ है। इसके विपरीत, देवांगना भंडारी कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं और उनकी मां ममता भूपेश कांग्रेस की वरिष्ठ नेताओं में शुमार हैं, जो भाजपा की मुखर विरोधी मानी जाती हैं। दो विरोधी राजनीतिक दलों के दिग्गजों के बीच की इस सहजता ने लोगों का ध्यान खींचा है।
सामाजिक रिश्ते और अंदरूनी खेमेबाजी के कयास
इस राजनीतिक मुलाकात के दो मुख्य पहलू चर्चा में हैं। पहला पहलू सामाजिक और पारिवारिक संबंधों से जुड़ा है। नंदू बंसीवाल और ममता भूपेश दोनों ही बैरवा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जिसके चलते इसे सामाजिक शिष्टाचार और बड़ों के आशीर्वाद की परंपरा माना जा रहा है। हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक राजनीतिक मंशा स्पष्ट नहीं हुई है।
दूसरा पहलू भाजपा की आंतरिक कलह और खेमेबाजी से जोड़ा जा रहा है। वार्ड 19 से भाजपा ने मधु बैरवा को अपना उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें वर्तमान विधायक विक्रम बंशीवाल के खेमे का माना जाता है। ऐसे में पूर्व विधायक नंदू बंसीवाल द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी को आशीर्वाद दिए जाने को पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसके आधार पर किसी औपचारिक राजनीतिक समर्थन की पुष्टि नहीं होती है।
देवांगना भंडारी की प्रतिक्रिया
इस पूरे वाकये पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रत्याशी देवांगना भंडारी ने कहा कि नंदू बंसीवाल उनके पिता तुल्य और आदरणीय हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव अपनी जगह है, लेकिन राजनीतिक सरगर्मी से ऊपर उठकर बुजुर्गों और बड़ों का आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।









