मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में 'रिजीम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन वाले बयान को लेकर महायुति सरकार और महा विकास अघाड़ी के बीच तीखा वाकयुद्ध छिड़ गया है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा दिए गए सत्ता परिवर्तन संबंधी बयान पर करारा पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तंज कसा है। फडणवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे अपनी ही पार्टी में सत्ता परिवर्तन को नहीं रोक पाए, ऐसे में अब वे किस सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं, यह समझ से परे है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में सरकारें सड़कों के हंगामे से नहीं, बल्कि केवल चुनाव और जनमत के जरिए बदलती हैं।
उद्धव ठाकरे का बयान और मुख्यमंत्री का पलटवार
विवाद की शुरुआत उद्धव ठाकरे के उस बयान से हुई जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर लोगों के मतदान और विरोध प्रदर्शन के अधिकार छीनने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के 'रिजीम चेंज' वाले बयान का समर्थन किया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जब उद्धव ठाकरे की पार्टी ने बालासाहेब ठाकरे की मूल विचारधारा और हिंदुत्व से दूरी बना ली, तब बालासाहेब के विचारों पर चलने वाले निष्ठावानों ने असली शिवसेना का गठन किया। उन्होंने कहा कि भारत में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा दिया गया सर्वशक्तिमान संविधान लागू है और लोकतंत्र में जनमत का निर्णय चुनाव के माध्यम से ही तय होता है, न कि सड़क पर अराजकता फैलाकर।
दिल्ली में जारी प्रदर्शन और प्रशांत भूषण की टिप्पणी
यह सियासी घमासान ऐसे समय में तेज हुआ है जब दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और सीजेपी समेत अन्य राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों के बाद राजनीति और गरमा गई। जहां विपक्ष का दावा है कि लोकतंत्र में सरकार के प्रति असंतोष व्यक्त करना मौलिक अधिकार है, वहीं सत्तापक्ष का आरोप है कि विपक्ष विदेशी तर्ज पर भारतीय संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने की नीयत रखता है।
संघ प्रमुख से मुलाकात और एमएलसी चुनाव की सरगर्मी
इस तीव्र राजनीतिक गहमागहमी के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय पहुंचकर संघ प्रमुख मोहन भागवत से अहम मुलाकात की। इसके अतिरिक्त, राज्य में 23 अक्टूबर को विधान परिषद (एमएलसी) की पांच सीटों—तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों—के लिए होने जा रहे द्विवार्षिक चुनावों को लेकर भी सरगर्मियां चरम पर हैं। नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले के समर्थन में चुनावी सभाओं को संबोधित करने पहुंचे फडणवीस की संघ प्रमुख के साथ इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



