नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों सदस्यों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। यदि आपका कोई पुराना पीएफ खाता सालों से बंद पड़ा है या आप उसकी जानकारी भूल चुके हैं, तो अब उसे खोजना और सक्रिय करना बहुत आसान होने वाला है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को जानकारी दी कि ईपीएफओ जल्द ही 'E-PRAAPTI' नामक एक नया वेब पोर्टल शुरू करने जा रहा है। यह पोर्टल विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए वरदान साबित होगा जिनके खाते 2014 से पहले के हैं, यानी उस समय के जब यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की सुविधा शुरू नहीं हुई थी।
क्या है 'E-PRAAPTI' और इसके फायदे?
इसका पूरा नाम 'एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड आधार-बेस्ड एक्सेस पोर्टल फॉर ट्रैकिंग इनऑपरेटिव अकाउंट्स' (E-PRAAPTI) है।
आधार से जुड़ाव: यह पोर्टल पूरी तरह आधार प्रमाणीकरण पर आधारित होगा। इसके जरिए सदस्य अपने पुराने खातों को ट्रैक कर सकेंगे, भले ही उनमें यूएएन लिंक न हो।
लिंकिंग की सुविधा: पुराने खाते को ढूंढने के बाद सदस्य उसे अपने वर्तमान सक्रिय यूएएन से जोड़ सकेंगे और अपनी प्रोफाइल अपडेट कर पाएंगे।
कम कागजी कार्रवाई: इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य मानवीय दखल और दस्तावेजों की जरूरत को कम करना है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी।
दावा निपटान में बनाया नया रिकॉर्ड
ईपीएफओ ने सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में लंबी छलांग लगाई है, जिसका असर हालिया आंकड़ों में दिख रहा है:
रिकॉर्ड निपटान: वित्त वर्ष 2025-26 में ईपीएफओ ने कुल 8.31 करोड़ दावों का निपटान किया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 6.01 करोड़ के मुकाबले काफी ज्यादा है।
ऑटो-मोड की रफ्तार: लगभग 71 प्रतिशत एडवांस दावों को 'ऑटो मोड' के जरिए महज 3 दिनों के भीतर निपटाया गया।
बिना नियोक्ता के काम: करीब 1.59 करोड़ सदस्यों ने अपने बैंक खातों को बिना एम्प्लॉयर की मंजूरी के खुद ही सीड (लिंक) किया, जिससे प्रक्रिया काफी सरल हो गई है।
ट्रांसफर क्लेम: 70 लाख से ज्यादा ट्रांसफर क्लेम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के ऑटो-प्रोसेस किए गए।









