नई दिल्ली | वर्ष 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में भारतीय स्मार्टफोन बाजार के प्रदर्शन में गिरावट देखी गई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, वार्षिक आधार पर शिपमेंट में 3 फीसदी की कमी आई है, जो पिछले छह सालों का सबसे कमजोर स्तर है। इस मंदी के पीछे उपकरणों की बढ़ती कीमतें, उच्च आपूर्ति लागत और ग्राहकों की कमजोर मांग को मुख्य कारण माना जा रहा है। विशेष रूप से 15,000 रुपये से सस्ते फोन के सेगमेंट में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि कीमतों में बढ़ोतरी के चलते उपभोक्ता नए फोन खरीदने में देरी कर रहे हैं, जिससे पूरे साल के बाजार में 10 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है।
ब्रांड्स का प्रदर्शन
बाजार हिस्सेदारी के मामले में वीवो 21% के साथ शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि सैमसंग अपनी 'एस-26' सीरीज के दम पर दूसरे स्थान पर है। ओप्पो 14% हिस्सेदारी के साथ तीसरे और शाओमी चौथे स्थान पर है। प्रीमियम सेगमेंट में एप्पल ने 9% कब्जा जमाया है, वहीं गूगल ने 39% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है। 'नथिंग' ब्रांड 47% की बढ़त के साथ सबसे तेजी से उभरता नाम रहा।
वैश्विक स्तर पर भारत की धमक
बाजार में मंदी के बावजूद, विनिर्माण के क्षेत्र में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मैकेंजी की रिपोर्ट के अनुसार, अब अमेरिका की 40 फीसदी स्मार्टफोन आपूर्ति भारत से हो रही है। चीन पर निर्भरता कम करते हुए भारत अब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) के एक मजबूत केंद्र के रूप में उभरा है।









