नोएडा बना अमीरों की पहली पसंद, अरबपतियों की संख्या में सबसे आगे

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नोएडा: उत्तर प्रदेश की राजनीतिक अहमियत से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन अब यह राज्य आर्थिक मोर्चे पर भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 के ताजा आंकड़ों ने यूपी के औद्योगिक परिदृश्य की एक बेहद दिलचस्प तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में कुल 41 ऐसे अमीर व्यक्तित्व हैं जिन्हें अरबपतियों की श्रेणी में रखा गया है। ये रईस राज्य के 11 विभिन्न शहरों से ताल्लुक रखते हैं, जो यूपी की बदलती आर्थिक ताकत का प्रमाण है।

उत्तर प्रदेश में अरबपतियों का नया केंद्र

जब भी अमीरी की बात होती है, तो अक्सर कानपुर का नाम ज़हन में आता है, लेकिन वर्तमान आंकड़ों ने नोएडा को उत्तर प्रदेश का असली 'अरबपतियों का गढ़' घोषित कर दिया है। गौतमबुद्ध नगर जिले का यह हिस्सा 15 अरबपतियों के साथ सूची में शीर्ष पर काबिज है। इसके बाद औद्योगिक नगरी कानपुर 8 अरबपतियों के साथ दूसरे स्थान पर है। इस सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम ताजनगरी आगरा का है, जो 5 अरबपतियों के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद है, जो शहर की मजबूत व्यापारिक जड़ों को दर्शाता है।

क्षेत्रीय वितरण और उभरते हुए शहर

राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में भी धनकुबेरों की मौजूदगी दर्ज की गई है। राजधानी में 4 अरबपति निवास करते हैं, जबकि गाजियाबाद में इनकी संख्या 3 है। इनके अलावा प्रयागराज, फैजाबाद, बुलंदशहर, ग्रेटर नोएडा, अलीगढ़ और गोरखपुर जैसे शहरों से भी एक-एक अरबपति ने इस प्रतिष्ठित सूची में अपनी जगह बनाई है। यह विविधता स्पष्ट करती है कि अब प्रदेश का विकास केवल एक या दो केंद्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों से भी बड़े कारोबारी साम्राज्य खड़े हो रहे हैं।

प्रदेश के सबसे धनवान चेहरे और उनकी संपत्ति

संपत्ति के मामले में नोएडा के आदित्य खेमका उत्तर प्रदेश के सबसे अमीर व्यक्ति बनकर उभरे हैं। आदित्य इन्फोटेक के संस्थापक खेमका की कुल नेट वर्थ 35,140 करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं, शिक्षा जगत में क्रांति लाने वाले 'फिजिक्स वाला' के संस्थापक अलख पांडे राज्य के दूसरे सबसे अमीर शख्स हैं। प्रयागराज से संबंध रखने वाले अलख पांडे की कुल संपत्ति 14,520 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। ये आंकड़े बताते हैं कि तकनीक और शिक्षा जैसे नए क्षेत्रों ने भी यूपी में बड़े पैमाने पर संपदा सृजन में योगदान दिया है।