बेंगलुरु:देश की दिग्गज सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कंपनी विप्रो चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। बाजार बंद होने के बाद जारी होने वाले इन नतीजों से पहले निवेशकों के सकारात्मक रुख के कारण कंपनी के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिल रही है। घरेलू शेयर बाजार (BSE) में कारोबार के दौरान विप्रो का शेयर करीब दो प्रतिशत की मजबूती के साथ 178 रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया। शेयरों में आई इस तेजी की बदौलत कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) भी बढ़कर 1.76 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
प्रबंधन के रेवेन्यू गाइडेंस और एआई रणनीति पर टिकी निवेशकों की निगाहें
शेयर बाजार के विश्लेषक और निवेशक विप्रो के इस तिमाही प्रदर्शन में केवल मुनाफे के आंकड़ों पर ही नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं पर भी नजर गड़ाए हुए हैं। बाजार को विशेष रूप से कंपनी के प्रबंधन द्वारा आगामी वित्त वर्ष 2027 के लिए दिए जाने वाले रेवेन्यू गाइडेंस, वैश्विक स्तर पर आईटी सेवाओं की मांग की स्थिति और आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर कंपनी की नई रणनीति पर आधिकारिक टिप्पणी का इंतजार है। इससे पहले मार्च तिमाही के दौरान अजीम प्रेमजी के प्रवर्तन वाली इस कंपनी ने अनुमान जताया था कि जून तिमाही में आईटी सर्विसेज बिजनेस से मिलने वाला राजस्व 259.7 करोड़ डॉलर से 265.1 करोड़ डॉलर के दायरे में रह सकता है।
विगत तिमाहियों में विप्रो का वित्तीय प्रदर्शन और शेयर बाजार का उतार-चढ़ाव
यदि विप्रो के हालिया इतिहास और वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें, तो जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध मुनाफा मामूली गिरावट के साथ 3,501.8 करोड़ रुपये रहा था, जबकि कुल आय में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। पूरे पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का कुल रेवेन्यू 92,624 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। हालांकि, पिछले छह महीनों के दौरान शेयर बाजार में विप्रो के शेयरों में लगभग 33 प्रतिशत की गिरावट भी देखी गई है, जहां इसका 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 273.15 रुपये और निचला स्तर 168.55 रुपये दर्ज किया गया था। वर्तमान में कंपनी में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 72.59 प्रतिशत के स्तर पर बनी हुई है।
शेयरधारकों को तकनीकी लाभ देने के लिए जून में किया था भारी-भरकम बायबैक
विप्रो ने अपने निवेशकों को पुरस्कृत करने और बाजार में पूंजी संरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से इसी वर्ष जून के महीने में एक बड़ा कदम उठाया था। कंपनी ने तीन साल के लंबे अंतराल के बाद 15,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों का बायबैक सफलतापूर्वक पूरा किया था। इस प्रक्रिया के तहत कंपनी ने 250 रुपये प्रति शेयर की तय कीमत पर अपने शेयरधारकों से करीब 60 करोड़ इक्विटी शेयरों की वापस खरीदारी की थी। इससे पहले कंपनी ने वर्ष 2023 में भी 12,000 करोड़ रुपये का बायबैक पेश किया था, जिससे बाजार में कंपनी के प्रति दीर्घकालिक दृष्टिकोण को हमेशा बल मिलता रहा है।









