मुंबई। घरेलू कमोडिटी वायदा बाजार में चांदी की चमक लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में धुंधली पड़ती दिखाई दे रही है। मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में चांदी की कीमतों में करीब 1 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (यूएस फेड) द्वारा सख्त मौद्रिक रुख बनाए रखने और नीतिगत दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर टिकाए रखने की आशंकाओं के कारण सर्राफा बाजार पर वैश्विक दबाव गहरा गया है।
वायदा बाजार एवं एमसीएक्स पर दर्ज गिरावट के आंकड़े
कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी वायदा अनुबंध में बिकवाली का दौर देखने को मिला:
एमसीएक्स पर गिरावट: दिसंबर वायदा अनुबंध में चांदी प्रति किलोग्राम ₹1,743 (लगभग 1%) तक सस्ती हुई।
वर्तमान दर: इस नरमी के उपरांत एमसीएक्स पर चांदी वायदा का मूल्य घटकर ₹2,37,574 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार (कॉमेक्स): वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला चांदी वायदा 1% टूटकर 65.75 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज किया गया।
चांदी के मूल्यों में गिरावट के प्रमुख कारण
कीमतों में जारी इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीति से जुड़ी अनिश्चितता है। बाजार विशेषज्ञों और शोध विश्लेषकों का मानना है कि दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहने की संभावनाओं ने बाजार की धारणा को काफी सीमा तक प्रभावित किया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी नीतिगत दरों में 25 आधार अंकों (0.25%) की वृद्धि की थी तथा भविष्य में दरों में और इजाफे के संकेत दिए थे। चूंकि उच्च ब्याज दर वाले वातावरण में बिना ब्याज देने वाली धातुओं (सोना-चांदी) की होल्डिंग कॉस्ट बढ़ जाती है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं।
निवेशकों एवं कमोडिटी बाजार के लिए भावी संकेत
चालू सप्ताह के दौरान अमेरिका से कोई बड़ा प्रमुख आर्थिक आंकड़ा जारी न होने की स्थिति में, बाजार सहभागियों की नजरें पूरी तरह से फेड अधिकारियों के आगामी बयानों पर टिकी हुई हैं:
अक्तूबर बैठक पर निगाहें: निवेशक यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या आगामी अक्तूबर माह की समीक्षा बैठक में दरों में पुन: बढ़ोतरी संभव है।
कच्चे तेल का प्रभाव: फेड अधिकारियों के बयानों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की चाल भी धातु बाजार का दिशा-निर्धारण करेगी।
स्पष्टता की प्रतीक्षा: विश्लेषकों के अनुसार जब तक अमेरिकी केंद्रीय बैंक का भविष्य का रुख पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो जाता, तब तक सर्राफा बाजार में नया सकारात्मक मोमेंटम बनना चुनौतीपूर्ण रहेगा।
अमेरिकी फेड के आक्रामक रुख और वैश्विक बिकवाली से घरेलू वायदा बाजार में चांदी दबाव में है। आगामी बैठक और ब्याज दरों के भावी मार्ग पर स्पष्टता आने तक बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता का दौर जारी रहने का अनुमान है।









