जन्माष्टमी आते ही देशभर में कृष्ण भक्ति का रंग गहरा हो जाता है. कहीं आधी रात को कान्हा के जन्म का इंतजार होता है, तो कहीं मंदिरों में झांकियां सजती हैं और भक्त घंटों कतार में खड़े होकर दर्शन की बारी का इंतजार करते हैं, अगर इस बार जन्माष्टमी को सिर्फ घर में पूजा करने के बजाय किसी प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर जाने का मन है, तो भारत में कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं जहां कृष्ण से जुड़ी आस्था और परंपराएं सदियों से चली आ रही हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही 10 प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में, जिन्हें जन्माष्टमी के मौके पर अपनी यात्रा सूची में शामिल किया जा सकता है.
1. श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर, मथुरा मथुरा को भगवान कृष्ण की जन्मस्थली माना जाता है, इसलिए जन्माष्टमी पर यहां का माहौल अपने आप में खास होता है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में भक्त बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. जन्माष्टमी के दौरान मंदिर में विशेष पूजा, धार्मिक कार्यक्रम और सजावट देखने को मिलती है, अगर आप कृष्ण की जन्मकथा से जुड़े स्थान को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो मथुरा सबसे स्वाभाविक शुरुआत है.
2. बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन वृंदावन का नाम आते ही बांके बिहारी मंदिर याद आता है. यहां कृष्ण की पूजा बाल और मनमोहक स्वरूप में की जाती है. मंदिर की सबसे खास बात इसका भक्तिमय वातावरण है. जन्माष्टमी के आसपास यहां भारी भीड़ रहती है, इसलिए यात्रा से पहले स्थानीय व्यवस्था और दर्शन संबंधी जानकारी जरूर देख लें.
3. प्रेम मंदिर, वृंदावन भव्य वास्तुकला और रात में रोशनी से जगमगाता प्रेम मंदिर श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करता है. परिसर में कृष्ण-राधा और कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी सुंदर झांकियां देखने को मिलती हैं. परिवार के साथ वृंदावन घूमने वालों के लिए यह लोकप्रिय पड़ाव है.
4. इस्कॉन कृष्ण-बलराम मंदिर, वृंदावन कृष्ण भक्ति को आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय रूप में देखने के लिए वृंदावन का इस्कॉन मंदिर खास है. यहां भजन, कीर्तन और सामूहिक आरती का माहौल भक्तों को काफी आकर्षित करता है. जन्माष्टमी पर मंदिर में विशेष आयोजन होते हैं और देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं.
5. गोकुल का रमण रेती क्षेत्र मथुरा के पास गोकुल को कृष्ण के बाल्यकाल से जोड़ा जाता है. रमण रेती क्षेत्र में शांत धार्मिक वातावरण मिलता है और यहां कृष्ण की बाल लीलाओं की यादें जुड़ी मानी जाती हैं. जो लोग भीड़भाड़ से थोड़ा अलग आध्यात्मिक अनुभव चाहते हैं, उनके लिए गोकुल यात्रा का अच्छा हिस्सा हो सकता है.
6. द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका गुजरात की द्वारका नगरी भगवान कृष्ण के प्रमुख धामों में गिनी जाती है. यहां भगवान द्वारकाधीश के रूप में पूजे जाते हैं. मंदिर की ऊंची संरचना और धार्मिक परंपराएं इसे खास बनाती हैं. जन्माष्टमी पर द्वारका में उत्सव का माहौल देखने लायक होता है
7. श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा राजस्थान के नाथद्वारा में स्थित श्रीनाथजी मंदिर कृष्ण के बाल स्वरूप की भक्ति के लिए प्रसिद्ध है. यहां दर्शन की परंपराओं में श्रृंगार और भोग का विशेष महत्व है. कृष्ण भक्तों के लिए यह स्थान धार्मिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है
8. श्रीकृष्ण मंदिर, उडुपी कर्नाटक का उडुपी श्रीकृष्ण मंदिर अपनी अनूठी पूजा परंपरा के लिए जाना जाता है. मान्यता के अनुसार यहां भगवान कृष्ण की प्रतिमा के दर्शन एक विशेष खिड़की से किए जाते हैं. दक्षिण भारत की कृष्ण भक्ति और मंदिर परंपरा को समझने के लिए यह जगह बेहद खास है.
9. गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर, केरल केरल का गुरुवायूर मंदिर भगवान गुरुवायूरप्पन यानी कृष्ण के बाल स्वरूप की उपासना के लिए प्रसिद्ध है. दक्षिण भारत में इसे कृष्ण भक्तों के प्रमुख तीर्थों में माना जाता है. यहां की पूजा-पद्धति और मंदिर की पारंपरिक वास्तुकला इसे बाकी कृष्ण मंदिरों से अलग पहचान देती है
10. जगन्नाथ मंदिर, पुरी ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की पूजा होती है, जिन्हें कृष्ण का ही एक स्वरूप माना जाता है. हालांकि यह केवल कृष्ण मंदिर के रूप में प्रसिद्ध नहीं है, लेकिन कृष्ण भक्ति की परंपरा में इसका विशेष स्थान है. जन्माष्टमी के दौरान यहां भी धार्मिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं.









