हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में सूर्यदेव को विशेष महत्व दिया गया है. मान्यता है कि सूर्य एकमात्र ऐसे देवता हैं, जिनके दर्शन प्रत्यक्ष रूप से किए जा सकते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य हर माह एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं. जब सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं, तब मिथुन संक्रांति का शुभ पर्व मनाया जाता है. यह दिन दान-पुण्य, पूजा-पाठ और पुण्य कर्मों के लिए बेहद फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किए गए दान से सूर्यदेव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है.
इतना ही नहीं पितरों के निमित्त पूजन भी करते हैं, ताकि वो प्रसन्न हों. इसके अलाव, तमान लोग इस दिन तर्पण आदि क्रिया भी करते हैं. इस साल मिथुन संक्रांति 15 जून को मनाई जाएगी. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज ने बताया कि मिथुन संक्रांति के दिन कुछ खास उपाय से पितर प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष भी दूर होता है. साथ ही सूर्यदेव की विशेष कृपा भी मिलती है.
जरूर करे यह उपाय सूर्य की तरह चमकेगा भाग्य
1. अगर घर में लगातार कलह और तनाव बना रहता है, तो मिथुन संक्रांति पर मीठी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है.ब्राह्मणों, बच्चों या मंदिर में मिश्री, गुड़ या चीनी अर्पित करें.मान्यता है कि इससे रिश्तों में मिठास आती है और घर में सुख-शांति का वास होता है.
2. दान अनेक प्रकार के होते हैं, लेकिन मिथुन संक्रांति पर जलदान का विशेष महत्व माना गया है. गर्मी के इस मौसम में जल का दान करने से देवी-देवताओं के साथ पितरों की कृपा भी प्राप्त होती है. इससे पितरों को शांति मिलती है और जीवन में सुख, मानसिक शांति व पुण्य का लाभ मिलता है.
3. मिथुन संक्रांति पर तांबे का दान बेहद शुभ माना गया है. सूर्य देव की प्रिय धातु तांबा किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को अर्पित करें. मान्यता है कि इससे सूर्य कृपा प्राप्त होती है और जीवन में मान-सम्मान, उत्तम स्वास्थ्य व सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
4. मिथुन संक्रांति के दिन हरी मूंग दाल का दान करें. यह बुध ग्रह से संबंधित है और बुध ग्रह को मजबूत करता है, जिससे बुद्धि, वाणी और व्यापार में लाभ होता है.
5. मिथुन संक्रांति पर अन्न दान का विशेष महत्व बताया गया है. इसे महादान की श्रेणी में रखा जाता है इस दिन अन्न का दान करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है, अन्न-धन की कभी कमी नहीं होती और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.









