अयोध्या जैसा आर्किटेक्चर, वही पत्थर! दिल्ली में बना है अनोखा राम मंदिर, भक्तों की लगती है लंबी लाइन

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अयोध्या में विराजमान रामलला के दर्शन करने की इच्छा हर राम भक्त की होती है. हालांकि समय और दूरी की वजह से हर किसी के लिए वहां जा पाना संभव नहीं है. ऐसे में दिल्ली में एक ऐसा अनोखा मंदिर मौजूद है, जिसे अयोध्या के भव्य राम मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया है. यहां पहुंचकर श्रद्धालु न केवल प्रभु श्रीराम के दर्शन कर सकते हैं. बल्कि अयोध्या जैसी आध्यात्मिक अनुभूति का भी अनुभव कर सकते हैं. यह मंदिर इन दिनों भक्तों और पर्यटकों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इस मंदिर का नाम श्री राम मंदिर है. जो कि दिल्ली के प्रताप नगर किशनगंज गौशाला में बनी हुई है. इसका उद्घाटन इसी साल हु और यह 200 साल पुरानी किशनगंज गौशाला में बनाई गई है.
राम मंदिर की तर्ज पर है तैयार
यहां के पुजारी श्याम जी महाराज ने बताया कि इस मंदिर का उद्घाटन 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया है. यहां पर 200 साल पुरानी दिल्ली पिंजरा पोल समिति की गौशाला है. इस मंदिर का निर्माण भी दिल्ली पिंजरा पोल समिति ने ही करवाया है. उन्होंने बताया कि यह मंदिर सुबह के 6:00 बजे खुल जाती है और दोपहर में 12:00 बजे बंद होती है. शाम को 5:00 खुलती है और रात के 8:30 बजे बंद होती है. जिस पत्थरों से राम मंदिर अयोध्या का निर्माण हुआ है. उसी पत्थरों से इस मंदिर को भी बनाया गया है.

जैसे ही श्री राम मंदिर अयोध्या बाहर से देखने में लगता है. वही आर्किटेक्चर और खूबसूरत लुक इस मंदिर को दिया गया है. इसे अयोध्या राम मंदिर की तर्ज पर ही बनाया गया है. अगर आप राम मंदिर नहीं जा पा रहे हैं तो यहां पर आकर दर्शन कर सकते हैं. यहां पर खाटू श्याम बाबा, सिद्धिविनायक गणेश देवा, राधा कृष्ण भगवान के साथ-साथ राम दरबार है और लक्ष्मी नारायण है. हनुमान जी, नवग्रह के साथ-साथ शिव जी की भी प्रतिमा मौजूद है.

भक्त बोले- लगता है आ गए हैं अयोध्या
सब्जी मंडी दिल्ली से यहां दर्शन करने आई सीमा राजपाल ने बताया कि उन्होंने इस मंदिर के बारे में सुना था. इसीलिए ढूंढते हुए यहां तक पहुंची है. यहां पर आकर ऐसा लगा जैसे मिनी अयोध्या में आ गए हो. बस अंदर अयोध्या जैसी श्री राम लाल की प्रतिमा नहीं है, लेकिन मंदिर बाहर से देखने में पूरा अयोध्या जैसा ही लग रहा है. यहां पर आकर लगा जैसे कनक भवन के अंदर आ गए हो. क्योंकि कनक भवन ठीक ऐसा ही है अंदर से.
उन्होंने बताया कि वह पहली बार आई हैं, लेकिन दर्शन करके अयोध्या जैसा ही महसूस हुआ है. हालांकि गौशाला के अंदर स्थित होने की वजह से यहां तक पहुंचने में थोड़ी दिक्कतों का सामना लोगों को करना पड़ सकता है. जब थोड़ा और इसका अच्छे से रास्ता बन जाएगा या निर्माण हो जाएगा तब लोगों को तकलीफ नहीं होगी.
जानें कैसे पहुंचे दिल्ली के राम मंदिर
इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां पर 200 साल पुरानी किशनगंज गौशाला भी मौजूद है, जिसमें 2000 से ज्यादा गाये हैं. जो लोग गृह नक्षत्रों के दुष्प्रभाव से पीड़ित हैं. वो यहां पर आकर गौ सेवा करते हैं. अगर आप इस मंदिर तक या गौशाला तक पहुंचाना चाहते हैं तो यहां का सबसे करीब मेट्रो स्टेशन प्रताप नगर है. प्रताप नगर मेट्रो स्टेशन से आप पैदल चलकर भी किशनगंज गौशाला और मंदिर पहुंच सकते हैं या फिर रिक्शा ले सकते हैं.