महाकाल की नगरी उज्जैन इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. तापमान 42 डिग्री के करीब पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोग राहत के उपाय खोज रहे हैं. धार्मिक आस्था के इस शहर में केवल लोग ही नहीं, बल्कि मंदिरों में विराजित देवी-देवताओं की सेवा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है. भगवान को तपिश से बचाने के लिए कोई मामूली चंदन का लेप नहीं बल्कि मलय पर्वत (उड़ीसा) का लेप भगवान को लगाया जा रहा है. साथ ही शीतल भोग और मंदिरों में ठंडक के खास इंतजाम किए जा रहे हैं.
इस्कॉन मंदिर के पंडित राघव दास ने कहा कि हम तो मनुष्य हैं, लेकिन भगवान तो देवता, प्रभु हैं. वे प्रेम का स्वरूप हैं. उसी भाव से हम उनकी सेवा करते हैं. यह मंदिर भगवान का है, तो पहला अधिकार उन्हीं का है. भगवान कृपा करके विग्रह रूप में आते हैं. हमलोग से प्रेम करते हैं और सेवा लेते हैं. भगवान कृष्ण राधा को ठंडक देने के लिए एसी के साथ मलय पर्वत जो की उड़ीसा में है. वहा का चंदन का लेप भी लगाया जा रहा है. गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा इसके लिए भगवान को शीतलता व ठंडक प्रदान करने के लिए रोजाना चार लोग चंदन का लेप को तैयार कर रहे हैं. करीब 30 किलो चन्दन को एकत्रित कर भगवान को लगाया जाएगा, जिससे भगवान को इस तपती गर्मी मे ठंडक मिले.
महाकाल को भी दी जा रही है ठंडक
उज्जैन में बाबा महाकाल की सेवा में गर्मी से राहत के विशेष इंतजाम किए गए हैं. गर्भगृह में 11 मटकियां स्थापित की गई हैं, जिनमें 11 पवित्र नदियों का जल भरा जाता है. यह परंपरा भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए वर्षों से निभाई जा रही है. मान्यता है कि इससे भक्तों पर भी कृपा बनी रहती है. इस वर्ष वैशाख कृष्ण प्रतिपदा का शुभारंभ अप्रैल से हो चुका है, जिसके साथ ही यह विशेष सेवा विधिवत शुरू कर दी गई है.
श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली में ठंडा भोग़
उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में भीषण गर्मी के बीच भगवान की विशेष शीतल सेवा की जा रही है. पुजारी परिवार व्यास के अनुसार, भगवान को ठंडक देने के लिए रोजाना दही, छाछ, श्रीखंड, तरबूज, आम और विभिन्न शीतल पेय पदार्थों का भोग अर्पित किया जा रहा है. यह प्रसाद श्रीकृष्ण, बलराम, सुदामा और गुरु सांदीपनि को समर्पित होता है. साथ ही, भगवान को गर्मी से राहत देने के लिए प्रतिदिन चंदन का शीतल लेप भी लगाया जा रहा है, जिससे भक्तों में भी आस्था और श्रद्धा बढ़ रही है.
गोपाल मंदिर मे भी विशेष सेवा
महाकाल मंदिर से कुछ ही दूर गोपाल मंदिर पर भी भगवान की दिनचर्या बदली है. गोपाल मंदिर के पुजारी अर्पित जोशी ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए, भगवान को रोजाना चंदन का लेप लगाया जा रहा है. चंदन के लेप मे केसर और कपूर का मिश्रण कर लेप बनाया जाता है. और भगवान को शीतलता प्रदान के प्रयास किये जाते है. इतना ही नहीं भोग मे भगवान को केरी का पना, लस्सी और छाछ जैसे व्यंजनों का भोग लगाकर शीतलता प्रदान की जाती है.









