पहली फिल्म से पहले फराह खान की सलाह ने बदली दीपिका पादुकोण की राह

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बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में शुमार दीपिका पादुकोण ने साल 2007 में सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से हिंदी सिनेमा में एक धमाकेदार शुरुआत की थी। फराह खान के निर्देशन में बनी इस ब्लॉकबस्टर फिल्म में शाहरुख और दीपिका दोनों ही दोहरे किरदारों (डबल रोल) में नजर आए थे। हाल ही में रिलीज हुए अपने एक नए कुकिंग व्लॉग में फराह खान ने उन पुराने दिनों को याद किया और बताया कि उन्होंने अपनी खोज यानी दीपिका पादुकोण को उनकी पहली फिल्म के लिए किस तरह ग्रूम और ट्रेन किया था।

फराह ने दीपिका को सिखाए थे एक्टिंग और डांस के गुर

फिल्ममेकर फराह खान इन दिनों अपने यूट्यूब चैनल पर कुकिंग व्लॉग्स बना रही हैं। इसी सिलसिले में वे अपने कुक दिलीप के साथ मशहूर अभिनेत्री दीया मिर्जा के घर पहुंची थीं। बातचीत के दौरान दीया मिर्जा ने अपने शुरुआती दिनों का दर्द बयां करते हुए बताया कि जब उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा था, तब उन्हें किसी भी तरह की कोई एक्टिंग वर्कशॉप या डांस क्लास की सुविधा नहीं मिली थी, बल्कि उनसे शुरुआत में ही लगातार 27-28 घंटे काम कराया गया था।

दीया ने फराह से कहा, "जब मैं उन कलाकारों से आपकी कहानियां सुनती हूं जिन्हें आपने लॉन्च किया है, तो वे हमेशा आपके प्यार, परवाह और खास ध्यान देने की तारीफ करते हैं।" इसके बाद फराह खान ने खुलासा किया कि उन्होंने दीपिका पादुकोण को ‘ओम शांति ओम’ के सेट पर उतारने से पहले कितनी कड़ी तैयारी करवाई थी।

लुक टेस्ट से लेकर क्लास तक: ऐसे तैयार हुई थीं 'शांतिप्रिया'

फराह खान ने बताया कि उन्होंने दीपिका को सीधे कैमरे के सामने खड़ा नहीं किया था। फराह ने कहा, "मैंने दीपिका को लॉन्च करने से पहले उसका बहुत ख्याल रखा। फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले मैंने उसे करीब 3-4 महीनों के लिए अनुपम खेर की एक्टिंग क्लास में भेजा, ताकि वह अभिनय की बारीकियां सीख सके। इसके बाद उसकी बॉडी लैंग्वेज को बेहतर करने के लिए मैंने उसे कथक डांस की क्लास जॉइन करवाई। हमने फिल्म के किरदारों के लिए उसके कई अलग-अलग लुक टेस्ट भी किए थे।"

फराह ने आगे एक बेहद दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया, "जब फिल्म की मुख्य शूटिंग शुरू हुई, तो मैंने पहले 10 दिनों तक दीपिका का कोई भी सीन शूट नहीं किया। मैंने उससे साफ कह दिया था कि तुम पहले 10 दिन बस सेट पर आओगी और वहां चुपचाप बैठकर देखोगी कि शाहरुख खान कैसे काम करते हैं और श्रेयस तलपड़े किस तरह दृश्यों को जीवंत बनाते हैं। उसे हर दिन सेट पर सिर्फ माहौल को समझने और सीनियर एक्टर्स को ऑब्जर्व करने के लिए बिठाया जाता था।"

बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने वाली ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी फिल्म

दो अलग-अलग कालखंडों (एराज) और पुनर्जन्म की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म ‘ओम शांति ओम’ मुख्य रूप से 'ओम' नाम के एक जूनियर आर्टिस्ट की कहानी है। फिल्म में दिखाया गया है कि अपनी मौत के दशकों बाद वह एक बड़े स्टार के रूप में दोबारा जन्म लेता है और अपनी पूर्व जन्म की प्रेमिका व मशहूर एक्ट्रेस 'शांतिप्रिया' की हत्या का बदला लेने व उसे न्याय दिलाने के लिए निकल पड़ता है।

यह फिल्म उस समय बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए कल्ट क्लासिक साबित हुई थी। दर्शकों ने शाहरुख और दीपिका की ऑन-स्क्रीन रोमांटिक केमिस्ट्री को सिर-आंखों पर बिठाया था। दीपिका पादुकोण के लिए 'ओम शांति ओम' उनके करियर का सबसे बेहतरीन और लाइफ-चेंजिंग लॉन्चपैड साबित हुई, जिसने उन्हें रातों-रात एक बड़ी स्टार बना दिया।