गर्मी का पारा बढ़ते ही बाजारों में आम और इससे तैयार होने वाले ठंडे पेय पदार्थों की डिमांड काफी तेज हो जाती है। इस मौसम में तपती धूप से राहत पाने के लिए 'मैंगो शेक' लोगों की पहली पसंद बन जाता है। कलाई-कलाई पर सजे ठेलों और दुकानों पर मिलने वाला यह ठंडा-मीठा ड्रिंक स्वाद में तो लाजवाब लगता है, लेकिन स्वाद के फेर में अक्सर लोग अपनी सेहत को दांव पर लगा देते हैं। खुले में मिलने वाला यह शेक आपके स्वास्थ्य के लिए कितना सुरक्षित है, इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के मुताबिक, स्ट्रीट वेंडर्स (सड़क किनारे दुकानदारों) के यहाँ साफ-सफाई और स्वच्छता (हाइजीन) के मानकों की भारी अनदेखी की जाती है। यही वजह है कि यह स्वादिष्ट ड्रिंक सेहत के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो रहा है। आइए जानते हैं इससे होने वाले नुकसान और जरूरी सावधानियों के बारे में:
1. फूड पॉइजनिंग का गंभीर खतरा
सड़क किनारे मिलने वाले मैंगो शेक में सबसे ज्यादा जोखिम फूड पॉइजनिंग का होता है। खुले माहौल में रखे गए आम, दूध और बर्फ पर धूल-मिट्टी के साथ मक्खियाँ और हानिकारक बैक्टीरिया आसानी से डेरा जमा लेते हैं। तेज गर्मी का तापमान इन जीवाणुओं के पनपने के लिए बिल्कुल मुफीद होता है। यह दूषित शेक पेट में जाते ही उल्टी, दस्त, तेज पेट दर्द और बुखार जैसी दिक्कतों का शिकार बना देता है, जिससे कई बार मरीज को अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ता है।
2. मुनाफे के लिए बासी दूध का प्रयोग
कई वेंडर्स ज्यादा कमाई के चक्कर में ताजे दूध के बजाय घटिया क्वालिटी या पुराने और बासी दूध का इस्तेमाल करते हैं। ठीक से स्टोर न किए जाने के कारण ऐसा दूध पहले ही बैक्टीरिया से संक्रमित हो चुका होता है। जब इस खराब दूध को मैंगो शेक में मिलाया जाता है, तो यह हमारे पूरे पाचन तंत्र को बिगाड़ देता है। इससे गैस, भयंकर एसिडिटी और डायरिया (पेचिश) की शिकायत हो जाती है, जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को कमजोर करती है।
3. दूषित पानी और अशुद्ध बर्फ का मिश्रण
शेक को ठंडा करने के लिए जिन बर्फ के टुकड़ों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जाता है, उनकी शुद्धता की कोई गारंटी नहीं होती। अक्सर यह बर्फ बिना फिल्टर किए गए गंदे पानी से तैयार की जाती है और इसे बेहद अस्वच्छ जगहों पर रखा जाता है। इस प्रदूषित बर्फ में मौजूद खतरनाक वायरस और बैक्टीरिया शरीर के भीतर पहुंचकर गंभीर गैस्ट्रो इंफेक्शन और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की वजह बनते हैं।
4. अत्यधिक चीनी से बढ़ता वजन और शुगर
आम का शेक और गाढ़ा व मीठा बनाने के लिए उसमें तय मात्रा से कहीं ज्यादा सफेद चीनी (शक्कर) झोंक दी जाती है। इतनी भारी मात्रा में मीठा पीना शरीर में कैलोरी का अंबार लगा देता है, जो मोटापे को न्योता देता है। इसके अलावा, यह अचानक ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा देता है, जो शुगर (डायबिटीज) के मरीजों के लिए बेहद जानलेवा साबित हो सकता है। साथ ही यह दांतों में कैविटी (सड़न) भी पैदा करता है।
सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये सावधानियां:
दुकान की साख देखें: हमेशा ऐसी विश्वसनीय और साफ-सुथरी दुकान या पार्लर से ही शेक पिएं, जहां हाइजीन का पूरा ख्याल रखा जाता हो।
सामने बनवाएं: कोशिश करें कि आपके सामने ही ताजे आम काटकर और फ्रेश दूध मिलाकर शेक तैयार किया जाए।
शक्कर कम करवाएं: अतिरिक्त चीनी या सिंथेटिक सिरप डलवाने से पूरी तरह परहेज करें।
घर का विकल्प सबसे बेस्ट: सेहत के लिहाज से घर पर खुद का बनाया हुआ फ्रेश मैंगो शेक सबसे उत्तम और 100% सुरक्षित विकल्प है।
संक्रमण में बरतें दूरी: यदि पहले से ही पेट खराब हो या कोई अन्य पाचन समस्या हो, तो बाहर के मैंगो शेक को पूरी तरह नजरअंदाज करें।









