Thursday, July 25, 2024
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Joint Pains: जोड़ों के दर्द से हैं परेशान तो करें ये आयुर्वेदिक इलाज

Ayurvedic Treatment For Joint Pain: सर्दियों में पीठ दर्द, कमर दर्द, हाथ और पैर दर्द की समस्या कई लोगों को ज्यादा परेशान करती है। सर्दियों में होने वाला जोड़ों का दर्द आम दर्द की तुलना में गंभीर होता है। सर्दी के मौसम में फिट रहने के लिए सिर्फ हेल्दी खाना और इम्युनिटी मजबूत रखना काफी नहीं होता है, बल्कि अपनी मसल्स पर भी ध्यान रखना होता है। जो लोग एक्सरसाइज नहीं करते हैं, उन्हें भी मांसपेशियों के दर्द में समस्या ज्यादा होती है, कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। कमर दर्द के कारण आपको चलने और बैठने में काफी परेशानी होती है। इस दर्द से बचने के लिए आप अपने पोश्चर का खास ध्यान रखें। भारी एक्सरसाइज करने से बचे। इस समस्या को खत्म करने के लिए योगा और स्विमिंग किया जा सकता है। ज्यादा देर तक एक ही पोजिशन में न बैठें और थोड़ी-थोड़ी देर में स्ट्रेच करते रहें। इससे दर्द में आपको आराम मिलेगा। मेडिकल में कई तरह की दवाएं और क्रीम मौजूद हैं लेकिन आप कुछ घरेलू उपचारों और आयुर्वेदिक उपायों के जरिए भी इस दर्द की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

पैर और एड़ियां बैठते और चलते समय हमेशा प्रेशर में होते हैं। बैड पोश्चर की वजह से एड़ियों में दर्द होता है। इस वजह से हड्डियों और लिगामेंट को भी नुकसान पहुंचता है। इसलिए हमेशा सही पोश्चर में बैठें और ऐसी एक्टिविटी करने से बचे जिससे पैरों पर दबाव पड़ता हो।

आयुर्वेदिक उपायों से आप जोड़ों के दर्द को ठीक कर सकती है-

आयुर्वेदिक डॉक्टर मिहिर खत्री के अनुसार, आयुर्वेद में जोड़ों के दर्द के लिए कई प्रभावशाली उपचार मौजूद हैं। आयुर्वेद में घुटनों के दर्द का दवाओं के साथ कुछ आयुर्वेदिक नुस्खों के जरिए इलाज किया जाता है। यह सभी उपचार प्रभावी हैं और अगर आपके घर में कोई बड़ा-बुजुर्ग जोड़ों में दर्द की समस्या से पीड़ित है, तो इनके जरिए राहत पा सकता है।

लेप उपचार : अगर आप घुटनों के दर्द से परेशान रहते हैं तो इस दर्द से बचने के लिए आप नियमित रूप से वॉक करें। इसके अलावा आराम से स्ट्रेचेज भी करें। कलाई और हाथों में दर्द हो तो खड़े होते समय, बैठते समय और वॉकिंग करते समय कंधों को रिलैक्स मोड में रखें। काम के बीच में थोड़ी देर का ब्रेक लें और कभी भी एक हाथ से कीबोर्ड का इस्तेमाल न करें। लेप चिकित्सा शोथ शूलघ्न औषधि द्रव्य (सूजन और दर्द निवारक जड़ी बूटी) पर आधारित है। इस नुस्खे में कुछ आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के मिश्रण से एक खास तरह का लेप बनाया जाता है जिसे प्रभावित हिस्से पर लगाया जाता है। जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए एक प्रभावशाली उपाय है।

जड़ी बूटियों का भापः आयुर्वेद से मान्यता प्राप्त जड़ी बूटियों में विभिन्न तरह के दर्दनिवारक गुण पाए जाते हैं। जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए कुछ जड़ी बूटियों को उबाला जाता है और उसकी भाप के जरिए प्रभावित हिस्से का इलाज किया जाता है।

जानू बस्ती : जोड़ों के दर्द के लिए पंचकर्म में आयुर्वेदिक जानू बस्ती का भी इस्तेमाल किया जाता है। इस चिकित्सा में घुटने पर कैप लगा कर मेडिकेटेड ऑयल को भरा जाता है जिसका तापमान वातावरण से कुछ ज्यादा रखा जाता है उसके बाद घुटने पर मसाज की जाती है और भाप द्वारा स्वेदन किया जाता है।

तेल मालिशः आयुर्वेद में अभ्यंग (औषधीय तेल से मालिश) को काफी प्रभावी उपचार माना जाता है। इस उपाय का इस्तेमाल सिर्फ जोड़ों के दर्द में नहीं बल्कि कई समस्यायों से राहत पाने के लिए किया जाता है। इसमें कई तरह के आयुर्वेदिक तेलों का इस्तेमाल किया जाता है। प्रभावित हिस्से की तेल मालिश से मरीज को जल्दी आराम मिलता है।

डॉक्टर को मानना है कि घुटनों में दर्द से राहत पाने के लिए ऊपर बताए आयुर्वेदिक उपचार प्रभावी हैं। उन्होंने बताया कि अगर आप या आपके माता-पिता या कई भी इस दर्द से पीड़ित हैं, तो आपको इन उपायों को आजमाना चाहिए। इसके लिए आप किसी विशेषज्ञ की मदद ले सकते हैं। इनके जरिए आप बिना दर्द के आराम पा सकते हैं।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह का इलाज नहीं है। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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