अत्यधिक वजन या मोटापा वर्तमान समय की सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुका है। यह केवल शारीरिक बनावट को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि शरीर को कई घातक बीमारियों का शिकार भी बना सकता है। इसी कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ प्रत्येक व्यक्ति को अपने वजन पर नियंत्रण रखने का परामर्श देते हैं।
जब भी वजन बढ़ने की चर्चा होती है, तो अमूमन ध्यान असंतुलित खान-पान की ओर ही जाता है। अत्यधिक मीठे अथवा अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों को वजन बढ़ाने का मुख्य कारण माना जाता रहा है। किंतु वजन बढ़ने की वजह केवल अत्यधिक भोजन करना ही नहीं है। शारीरिक वजन आहार के अतिरिक्त शारीरिक परिश्रम, निद्रा, मानसिक तनाव, औषधियों के सेवन और आनुवंशिक कारणों पर भी निर्भर करता है।
असंतुलित दिनचर्या से बढ़ रही है परेशानी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञों का मानना है कि शारीरिक निष्क्रियता और घंटों एक ही स्थान पर बैठे रहने की प्रवृत्ति बच्चों से लेकर वयस्कों तक में अतिरिक्त वसा और अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं को बढ़ा रही है। अतः यदि वजन निरंतर बढ़ रहा है, तो केवल भोजन की मात्रा घटाने से लाभ नहीं होगा, बल्कि संपूर्ण दिनचर्या में सकारात्मक परिवर्तन करना आवश्यक है।
असंतुलित नाश्ता: प्रातःकाल उठने के काफी देर बाद तक भूखे रहना और तत्पश्चात एक साथ अत्यधिक कैलोरी ग्रहण करना वजन नियंत्रण को कठिन बना देता है।
प्रातःकाल मीठे का सेवन: दिन की शुरुआत अधिक चीनी युक्त पेय या बिस्कुट से करने से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा होती है।
पोषक तत्वों की आवश्यकता: प्रोटीन, फाइबर और संतुलित पोषक तत्वों से युक्त नाश्ता पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और वजन नियंत्रित करने में सहायक होता है।
कम शारीरिक गतिविधि बढ़ा रही है जटिलताएं
कार्यालय के कार्य, अध्ययन अथवा मोबाइल व टीवी के अत्यधिक उपयोग के कारण दिन का बड़ा हिस्सा बैठकर बीतता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह शारीरिक अकर्मण्यता कई गैर-संचारी रोगों का प्रमुख कारण है। नियमित शारीरिक गतिविधि बच्चों एवं युवाओं में मेटाबॉलिज्म को सुदृढ़ रखने और अतिरिक्त चर्बी को घटाने में मददगार होती है।
यदि प्रतिदिन व्यायाम के लिए समय निकालना संभव न हो, तो निरंतर बैठे रहने से बचें। पैदल चलना, लिफ्ट के स्थान पर सीढ़ियों का प्रयोग करना और गृहकार्य करना भी कैलोरी घटाने में सहायक सिद्ध होता है।
जीवनशैली से जुड़ी इन आदतों को बदलें
मीठे पेय पदार्थों का सीमित सेवन: चाय, कॉफी, पैक्ड जूस या अन्य मीठे पेयों के अत्यधिक सेवन से शरीर में अवांछित कैलोरी एकत्र होती जाती है।
असमय खाने की आदत: भूख न होने पर भी बार-बार कुछ न कुछ खाते रहने से दैनिक कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है।
अधूरी नींद और देर तक जागना: देर रात तक स्क्रीन के सामने समय बिताने से सोने का चक्र प्रभावित होता है। अपर्याप्त नींद का सीधा प्रभाव शरीर के वजन पर पड़ता है।









