दिल्ली में पुलिस की सख्ती पर अभिजीत दिपके की टिप्पणी, बोले- ‘ये तो अमित शाह का जनरल डायर है’

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नई दिल्ली| देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के बेहद कड़े और चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं, तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी साझा करते हुए दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में किसी भी प्रकार के अवैध मार्च या प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग और प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग को लेकर नई दिल्ली में विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इन प्रदर्शनों में कॉकरोच जनता पार्टी, वामपंथी छात्र संगठन, आम आदमी पार्टी और एसएफआई (SFI) जैसे कई संगठन शामिल हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।

सुरक्षा के इन व्यापक इंतजामों के चलते दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर अगले आदेश तक यात्रियों की आवाजाही (एंट्री और एग्जिट) बंद कर दी गई है। जंतर-मंतर पर जारी इस विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी की पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया ने कहा, 'कोई भी नागरिक शौक से सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन नहीं करना चाहता है, लेकिन जब जिम्मेदार संस्थाओं द्वारा गलतियाँ की जाती हैं, तो हमें मजबूरन विरोध करना पड़ता है। इस देश के संविधान ने हमें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का मौलिक अधिकार दिया है।'

पुलिस प्रशासन की अपील और यातायात में बदलाव

दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन शर्मा ने जनता से अपील करते हुए कहा है कि नई दिल्ली क्षेत्र में किसी भी तरह के अनधिकृत प्रदर्शन या मार्च की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर सभी आवश्यक कदम उठाए हैं और आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे देश के कानून का पूरी तरह पालन करें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।

इस विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के यातायात मार्ग में भी आवश्यक बदलाव किए हैं। यात्रियों और चालकों को सलाह दी गई है कि वे जंतर-मंतर और उसके आसपास के रास्तों से गुजरने से बचें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।