त्रिपुरा पहुंचेंगे अमित शाह, सीमा सुरक्षा व्यवस्था की करेंगे उच्चस्तरीय समीक्षा

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अगरतला/शिलांग: भारत और बांग्लादेश की सीमा पर देश की संप्रभुता और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को त्रिपुरा के सीमावर्ती इलाकों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) और अन्य केंद्रीय व प्रांतीय खुफिया एजेंसियों की तैयारियों तथा रणनीतियों का बारीकी से आकलन करेंगे। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अमित शाह मेघालय की राजधानी शिलांग में अपनी तय बैठकें निपटाने के बाद त्रिपुरा की राजधानी अगरतला पहुंच चुके हैं, जहाँ कल वे लगातार कई उच्चस्तरीय बैठकों और विकास कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले हैं।

घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार अपराधों पर रहेगा मुख्य फोकस

सुरक्षा मामलों के एक बेहद वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूदा अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की सुरक्षा स्थिति की एक व्यापक और विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट लेंगे। बैठक के दौरान मुख्य रूप से अवैध घुसपैठ, सीमा पार से होने वाले संगठित अपराध, हथियारों व नशीले पदार्थों की तस्करी और आधुनिक सीमा प्रबंधन (बॉर्डर मैनेजमेंट) से जुड़े गंभीर मुद्दों पर कड़ा रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही, सीमा से सटे हुए नागरिक इलाकों (रिहायशी बस्तियों) की सुरक्षा और वहां के निवासियों की समस्याओं पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

शिलांग की बैठक के बाद सीधे पहुंचे अगरतला

अमित शाह ने शिलांग में उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) के 73वें पूर्ण अधिवेशन की सफलतापूर्वक अध्यक्षता की और इसके तुरंत बाद वे सीधे अगरतला के लिए रवाना हो गए। अगरतला पहुंचते ही गृह मंत्री के स्वागत के साथ ही बैठकों का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार की सुबह वे बीएसएफ के आला अधिकारियों, त्रिपुरा राज्य पुलिस के महानिदेशक और अन्य शीर्ष सुरक्षा कमांडरों के साथ एक संवेदनशील बैठक करेंगे, जिसमें सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।

विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और सैनिकों से संवाद

इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान गृह मंत्री केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने के लिए कुछ नई विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। वे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा बनेंगे और सरहद की हिफाजत में तैनात जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए एक 'सैनिक सम्मेलन' को संबोधित करेंगे। इसके अतिरिक्त, त्रिपुरा पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार और एक निजी डेवलपर के संयुक्त सहयोग से बनने वाली एक अत्याधुनिक होटल परियोजना का भूमि पूजन व शिलान्यास भी उनके हाथों संपन्न होगा।

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने जताया आभार

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने केंद्रीय गृह मंत्री के इस दौरे को राज्य की आंतरिक सुरक्षा और विकास के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पहले भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए गृह मंत्रालय से इस विशेष दौरे और समीक्षा बैठक का अनुरोध किया था, जिसे केंद्र सरकार ने सहर्ष स्वीकार किया।

तीन ओर से बांग्लादेश से घिरा है त्रिपुरा

भौगोलिक दृष्टि से देखें तो त्रिपुरा राज्य की बांग्लादेश के साथ लगभग 856 किलोमीटर लंबी विशाल अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है और यह राज्य तीन दिशाओं से पूरी तरह पड़ोसी देश बांग्लादेश से घिरा हुआ है। यही भौगोलिक बनावट इस पूरे क्षेत्र को अवैध प्रवासियों की घुसपैठ, तस्करी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील बनाती है, जिसके कारण गृह मंत्री का यह दौरा देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।