‘हर वक्त चुनाव के लिए तैयार रहें’—स्टालिन के बयान से तमिलनाडु की राजनीति में हलचल

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चेन्नई। तमिलनाडु के सियासी गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के प्रमुख एम. के. स्टालिन ने वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला है। अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय की सरकार को बेहद कमजोर और अल्पमत वाली सरकार करार दिया। उन्होंने राजनीतिक अनिश्चितता का हवाला देते हुए अपने कार्यकर्ताओं से पूरी तरह मुस्तैद रहने और किसी भी समय होने वाले चुनावों के लिए कमर कसने का आह्वान किया है।

सहयोगियों के भरोसे टिकी सरकार, कभी भी गिर सकती है दीवार

पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन ने मौजूदा सरकार की स्थिरता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि यह सरकार अपने दम पर पांच साल का कार्यकाल पूरा करने की स्थिति में बिल्कुल नहीं है। स्टालिन ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विजय की सरकार आज उन राजनीतिक दलों के बैसाखी (समर्थन) के सहारे चल रही है, जो कुछ ही समय पहले तक उनके खुद के गठबंधन का हिस्सा हुआ करते थे। सहयोगियों के इस बदलते रुख के कारण राज्य में कभी भी बड़ा राजनीतिक उलटफेर हो सकता है।

जनता का जनादेश नहीं, बहुमत के आंकड़े से दूर हैं विजय

चुनावों में अपनी खुद की सीट हारने के बावजूद स्टालिन के तेवर बेहद आक्रामक नजर आ रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री विजय की पार्टी के पास राज्य में स्वतंत्र रूप से सरकार चलाने का कोई नैतिक या राजनीतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि जनता ने उन्हें पूर्ण जनादेश नहीं दिया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए याद दिलाया कि तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा 118 सीटों का है, जबकि विजय की पार्टी के पास महज 108 सीटें ही हैं। ऐसे में बैसाखियों पर टिकी यह सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकती।