मुंबई: वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए एक दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 भारतीय पर्यटकों के पार्थिव शरीर सोमवार रात विशेष विमान से मुंबई लाए गए। इन शवों को वियतनाम एयरलाइंस की एक विशेष उड़ान (VN 979) के जरिए रात करीब 9:19 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया। कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मंगलवार सुबह से ही शवों को उनके गृह राज्यों में भेजने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है।
दक्षिणी राज्यों के लिए रवाना किए गए पार्थिव शरीर
हादसे का शिकार हुए 15 पर्यटकों में से 10 तमिलनाडु के, 3 आंध्र प्रदेश के और 2 केरल के रहने वाले थे (जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं)। मुंबई हवाई अड्डे पर आवश्यक कस्टम और इमिग्रेशन प्रक्रियाओं को देर रात ही पूरा कर लिया गया था। मंगलवार सुबह विशेष सुरक्षा और डोमेस्टिक फ्लाइट्स के माध्यम से सभी शवों को उनके संबंधित राज्यों में भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई, जहां से इन्हें सीधे उनके पैतृक गांवों में परिजनों को सौंपा जाएगा।
आंध्र प्रदेश और केरल के पीड़ितों के लिए मुस्तैद दिखी पुलिस
वियतनाम से विमान आने से पहले ही आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम मुंबई एयरपोर्ट पर तैनात हो चुकी थी। टीम ने तड़के अपने राज्य के 3 पीड़ितों के शवों को अपने संरक्षण में लिया और सुबह 5:45 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से हैदराबाद के लिए रवाना हो गई, जहां से एम्बुलेंस के जरिए शवों को गृह जनपद ले जाया जाएगा। इसी तरह केरल के कोट्टाराक्कारा निवासी मृतक दंपती—ए.सी. थॉमस (57) और उनकी पत्नी लोवेनी थॉमस (56) के शवों को सुबह 6:30 बजे एयर इंडिया के विमान से तिरुवनंतपुरम भेजा गया, जहां से विशेष एम्बुलेंस द्वारा उन्हें घर पहुंचाया जा रहा है।
तमिलनाडु के 10 शव चेन्नई और कोयंबटूर भेजे गए
तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले 10 मृतकों के शवों को चेन्नई और कोयंबटूर भेजने के लिए कई विमानों का सहारा लिया गया। चेन्नई के 4 पीड़ितों में से दो के शव सुबह की पहली फ्लाइट से रवाना किए गए, जबकि शेष दो को दूसरी फ्लाइट से भेजा गया। वहीं, बाकी बचे 6 मृतकों के शवों को तीन अलग-अलग उड़ानों के माध्यम से कोयंबटूर रवाना किया गया है, ताकि हवाई अड्डे से तुरंत उन्हें परिजनों तक अंतिम संस्कार के लिए पहुंचाया जा सके।
स्पीडबोट पलटने से हुआ था हादसा, ₹25 लाख मुआवजे का एलान
यह भीषण हादसा बीते 11 जुलाई को वियतनाम में उस समय हुआ, जब 32 भारतीय पर्यटकों और 4 स्थानीय क्रू सदस्यों को ले जा रही एक स्पीडबोट अचानक समुद्र में पलट गई। भारत सरकार और वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शवों की घर वापसी की प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराया। इस दुर्घटना में 16 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था जो इलाज के बाद स्वदेश लौट चुके हैं, जबकि एक पर्यटक की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। इस बीच, लावा इंटरनेशनल कंपनी ने पीड़ितों के परिवारों को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वियतनामी प्रशासन ने नाव के ऑपरेटर को हिरासत में ले लिया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच जारी है।









