तारातला त्रासदी में बढ़ा मौतों का आंकड़ा, पुलिस ने गोदाम मालिक सहित पांच को दबोचा

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के तारातला क्षेत्र में एक निर्माणाधीन गोदाम के अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। इस दुखद घटना के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोदाम के मालिक शंभूनाथ बेहरा समेत पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में खुद संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। गोदाम मालिक बेहरा को बुधवार देर रात तारातला के ही एक आवासीय परिसर से पकड़ा गया। इसके अलावा गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में स्ट्रक्चरल इंजीनियर कमल सामंत, सुपरवाइजर सैयद मोहम्मद गुलजार, लेबर सप्लायर मोहम्मद अताउल और सुभाष सरकार शामिल हैं। इससे पहले पुलिस ने सुपरवाइजर समेत करीब नौ लोगों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की थी।

मलबे से निकाले गए 28 लोग, अस्पताल में इलाज जारी

यह भयानक हादसा दोपहर के समय हुआ, जब निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त वहां काम कर रहे करीब 40 मजदूर लोहे के भारी ढांचों और कंक्रीट के मलबे के नीचे दब गए। राहत और बचाव कार्य के दौरान अब तक मलबे से 28 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से आठ मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे में घायल हुए 20 अन्य मजदूरों का इलाज एसएसकेएम अस्पताल में चल रहा है, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। जान गंवाने वाले मजदूरों में से चार नदिया जिले के और एक उत्तर 24 परगना के भाटपाड़ा का रहने वाला था, जबकि बाकी मृतकों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

सेना और एनडीआरएफ का संयुक्त बचाव अभियान

घटनास्थल पर अभी भी युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है क्योंकि मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है। शुरुआत में स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने मोर्चा संभाला, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार के अनुरोध पर सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के जवान भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए हैं। मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए हाइड्रोलिक क्रेनों की मदद ली जा रही है। साथ ही गैस कटर से भारी लोहे की बीम और धातुओं के ढांचों को काटकर रास्ता बनाया जा रहा है।

जांच के लिए एसआईटी का गठन और जमीन का विवाद

इस पूरे हादसे की गहराई से जांच करने के लिए पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम में कोलकाता पुलिस के खुफिया विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त, मर्डर ब्रांच के प्रभारी अधिकारी, जासूसी विभाग के चार अधिकारी और तारातला थाने के दो सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं, जो जासूसी विभाग के उपायुक्त की निगरानी में काम करेंगे। कोलकाता नगर निगम से मिली जानकारी के मुताबिक, जिस जमीन पर यह गोदाम बन रहा था, वह पोर्ट अथॉरिटी की है। इस जमीन को अगस्त 2024 में 30 साल के लिए 'बेहरा ब्रदर्स' नाम की कंपनी को लीज पर दिया गया था, जो चाय के स्टोरेज और पैकेजिंग का काम करती है। इसी कंपनी के मालिक शंभूनाथ बेहरा के जिम्मे इस कंस्ट्रक्शन के काम की देखरेख थी, जिसके गिरने से यह बड़ा हादसा हुआ।