PM मोदी से अमित शाह तक ने दी जन्माष्टमी की बधाई, कृष्ण मंदिरों में उमड़ा सैलाब

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नई दिल्ली: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण की कालजयी शिक्षाओं और निष्काम कर्म के संदेश का स्मरण करते हुए कहा कि उनके दिव्य विचार युगों-युगों से मानवता को सही दिशा दिखाते रहे हैं। उन्होंने कामना की कि यह पावन अवसर प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शक्ति और खुशहाली लेकर आए।

शीर्ष नेतृत्व ने देशवासियों को दिए यह संदेश

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्ति का पवित्र समय है। गीता का 'निष्काम कर्म' का सिद्धांत जीवन में सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: राष्ट्रपति मुर्मू ने देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन दर्शन भारतीय संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने नागरिकों से सत्य, धर्म, करुणा और निष्काम कर्म के मार्ग का अनुसरण करते हुए एक समावेशी व विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को बधाई दी।

देश के प्रमुख मंदिरों में भव्य धार्मिक अनुष्ठान

जन्माष्टमी पर देशभर के प्रसिद्ध मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा:

  • दिल्ली के मंदिरों में रौनक: राजधानी के ईस्ट ऑफ कैलाश और द्वारका स्थित इस्कॉन मंदिरों के साथ-साथ प्रसिद्ध ऐतिहासिक बिरला मंदिर में विशेष मंगला आरती का आयोजन हुआ। भव्य रोशनी और फूलों से सजे मंदिरों में हजारों भक्तों ने दर्शन कर भगवान के जन्म का स्वागत किया।

  • मथुरा-वृंदावन में विशेष उत्साह: कान्हा की जन्मस्थली मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में तड़के मंगला आरती के साथ धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए। श्रद्धालु भजनों की धुन पर नाचते-गाते नजर आए। वहीं वृंदावन के बांके बिहारी जी मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।

  • मुंबई में भी दिखा भारी उल्लास: मुंबई के चौपाटी स्थित इस्कॉन मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भक्तों की भारी उपस्थिति दर्ज की गई।

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में मनाए जाने वाले इस पावन पर्व को लेकर दिल्ली, मथुरा और मुंबई सहित सभी बड़े शहरों में सुरक्षा व्यवस्था व भीड़ नियंत्रण के कड़े इंतजाम किए गए थे।