नई दिल्ली। भारत और जंजीबार ने उच्च शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य सेवा और जल आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया है। इस दिशा में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार को जंजीबार (तंजानिया) के राष्ट्रपति और रिवोल्यूशनरी काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हुसैन अली म्विनी से विस्तृत चर्चा की। दोनों नेताओं ने भारत और तंजानिया के बीच विकास साझेदारी को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आपसी हितों के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।
रणनीतिक साझेदारी और विकास के नए आयाम
राष्ट्रपति डॉ. हुसैन अली म्विनी उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के आधिकारिक निमंत्रण पर चार दिवसीय यात्रा के लिए भारत आए हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-तंजानिया के बीच मौजूद रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गति प्रदान करना है। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को 'ग्लोबल साउथ' के देशों के बीच साझा प्राथमिकताओं और जन-संबधों को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। नई दिल्ली पहुंचने से पूर्व, राष्ट्रपति म्विनी चेन्नई गए थे, जहां उन्होंने आईआईटी मद्रास के 63वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह दौरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दौरान आईआईटी मद्रास के जंजीबार परिसर की स्थापना के दो वर्ष पूरे होने का उत्सव भी मनाया जा रहा है।
सहयोग के नए रास्तों की तलाश
राष्ट्रपति म्विनी के इस प्रवास के दौरान उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन के साथ उच्च स्तरीय वार्ता होगी, जिसमें भारत-तंजानिया संबंधों के पूर्ण विस्तार की समीक्षा की जाएगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल द्विपक्षीय सहयोग के नए रास्तों को तलाशने पर जोर दे रहे हैं। भारत और तंजानिया के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं, जो अब शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में और भी गहरे होते जा रहे हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि भारत जंजीबार के साथ अपनी विकास साझेदारी को निरंतर मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
शैक्षिक और तकनीकी संबंधों का विस्तार
आईआईटी मद्रास जंजीबार परिसर की स्थापना ने दोनों देशों के बीच शैक्षिक और तकनीकी आदान-प्रदान के लिए नए द्वार खोले हैं। यह यात्रा केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बनी है। जंजीबार से आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें विभिन्न मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, का यह दौरा दोनों देशों के आपसी लाभ के लिए सहयोग के नए अवसर पैदा करेगा। भारत और जंजीबार के बीच का यह तालमेल आने वाले समय में डिजिटल और तकनीकी बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।








