नई दिल्ली। दूरसंचार के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए एरिक्सन और मीडियाटेक ने मिलकर 5जी नेटवर्क के जरिए अत्यंत सटीक लोकेशन ट्रैकिंग का सफल परीक्षण किया है। जीएनएसएस आरटीके (GNSS RTK) नाम की इस नई तकनीक को आने वाले समय के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर माना जा रहा है। दुनिया में यह पहली बार है जब 5जी नेटवर्क का उपयोग करके किसी स्थान को इतनी बारीकी से ट्रैक किया गया है। यह तकनीक आने वाले समय में स्वायत्त (सेल्फ-ड्राइविंग) वाहनों, स्वचालित डिलीवरी ड्रोन और औद्योगिक संयंत्रों में रोबोटिक्स के संचालन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
जीपीएस के मुकाबले अभूतपूर्व सटीकता
वर्तमान में स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक जीपीएस तकनीक किसी भी स्थान को दिखाने में लगभग 3 से 5 मीटर तक का अंतर या त्रुटि दिखाती है। इसके विपरीत, 5जी आधारित जीएनएसएस आरटीके तकनीक से स्थान की सटीकता 30 सेंटीमीटर से भी कम हो जाएगी। यह तकनीक उपग्रहों से मिलने वाले संकेतों की सूक्ष्म त्रुटियों को पहचानकर उन्हें तुरंत ठीक करती है, जिससे गंतव्य तक बिना किसी अंतर के सीधे पहुंचा जा सकता है। खास बात यह है कि यह किसी महंगे उपकरण के बिना, सामान्य मोबाइल एंटीना और मीडियाटेक के 5जी मोडेम पर सुचारू रूप से कार्य करती है।
यूनिकास्ट और ब्रॉडकास्ट तकनीक से तेज़ डेटा ट्रांसफर
यह नई तकनीक यूनिकास्ट और ब्रॉडकास्ट दोनों प्रणालियों पर कुशलता से कार्य करती है। इसकी मदद से बिना किसी नेटवर्क बाधा या स्पीड कम हुए, हजारों डिवाइसों को एक साथ पूरी तरह सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड तरीके से सटीक लोकेशन डेटा भेजा जा सकता है। एरिक्सन के प्रतिनिधि जोहान हल्टेल ने इसे 5जी इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि इससे मैन्युफैक्चरिंग और ट्रांसपोर्टेशन क्षेत्रों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
लोकेशन ट्रैकिंग का नया दौर
मीडियाटेक के डॉ. एचसी हुआंग ने इस साझेदारी की सराहना करते हुए कहा कि 5जी की यह उन्नत तकनीक आम उपभोक्ताओं और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों दोनों के लिए नए अवसर पैदा करेगी। इस सफल परीक्षण के बाद यह स्पष्ट है कि भविष्य में यूजर्स पूरी तरह से केवल पारंपरिक जीपीएस पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि जीएनएसएस आरटीके जैसी उन्नत तकनीकें स्मार्टफोन के माध्यम से लोकेशन ट्रैकिंग को अधिक सटीक, सुरक्षित और सुलभ बनाएंगी।







