राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का बड़ा खुलासा, आठ लोगों की साजिश से उड़ाए गए लाखों

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अयोध्या: राम मंदिर में हुए करोड़ों रुपये के चढ़ावा और दान राशि चोरी मामले में आखिरकार बड़ा खुलासा हुआ है। घटना उजागर होने के 19 दिन बाद और एसआईटी (SIT) की सिफारिश के दो दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। यह मुकदमा ट्रस्टी कृष्ण मोहन की तहरीर पर कोतवाली रामजन्मभूमि में दर्ज किया गया है। पुलिस ने साजिश के तहत धोखाधड़ी और चोरी के आरोप में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव समेत सात मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें आज जेल भेजा जाएगा।

बाथरूम में छिपाते थे नोट, तीन करोड़ बरामद

जांच में सामने आया है कि चढ़ावे की चोरी का यह खेल पिछले दो से तीन साल से चल रहा था। आरोपी रकम पार करने के बाद नोटों की गड्डियों को बाथरूम में छिपा देते थे और मौका मिलते ही उसे मंदिर से बाहर ले जाकर आपस में बांट लेते थे। एसआईटी की जांच में करोड़ों की नकदी और जेवरातों की हेराफेरी की पुष्टि हुई है। ट्रस्ट ने संदिग्धों को पकड़कर उनकी निशानदेही पर करीब तीन करोड़ रुपये बरामद किए थे, वहीं पुलिस पूछताछ के दौरान अब तक करीब 60 लाख रुपये और बरामद होने की सूचना है।

संगठित अपराध के तहत लगेगा गैंगस्टर एक्ट

इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार चंपत राय का करीबी टिन्नू यादव और गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव थे। सुभाष ही तय करता था कि पैसों की गिनती (गणना) में किसकी ड्यूटी लगेगी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इन सभी की पहचान की गई है। चूंकि यह करोड़ों की हेराफेरी का बेहद संवेदनशील मामला है, इसलिए इसकी जांच के लिए किसी आईपीएस या पीपीएस अफसर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की जा सकती है। इस सुनियोजित चोरी को संगठित अपराध मानते हुए पुलिस जांच पूरी होने के बाद आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट भी लगाएगी।

बैंक अफसरों की मिलीभगत और इस्तीफों की अफवाह

पकड़े गए आरोपियों से रात भर हुई पूछताछ में कई सरकारी बैंक अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस को बैंककर्मियों के इस खेल में शामिल होने के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं, जिसके चलते एफआईआर में सरकारी अधिकारी के शामिल होने की धारा भी जोड़ी गई है। इस बड़े विवाद के बीच रामनगरी में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे की अफवाहें दिनभर उड़ती रहीं। हालांकि, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने इन चर्चाओं को पूरी तरह भ्रामक और गलत बताया है।

मामले पर गरमाई राजनीति, केजरीवाल ने उठाए सवाल

इस मामले को लेकर अब सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अयोध्या पहुंचे हैं, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान के घर में डाका डाला गया है और एसआईटी केवल बड़े लोगों को बचाने के लिए लीपापोती कर रही है। दूसरी तरफ, अयोध्या के संत समाज के एक वर्ग ने केजरीवाल के इस दौरे का कड़ा विरोध किया है। हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास और जगद्गुरु परमहंसाचार्य समेत पंडा समाज ने उनके आगमन पर गहरी आपत्ति जताई है।