श्रीनगर/मुंबई। एस्सेल समूह के लिए आज का दिन अत्यंत दुःखद और शोकपूर्ण रहा। मीडिया और उद्योग जगत की दिग्गज हस्ती, एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा के पूज्य पिता श्री नंद किशोर गोयनका जी का आज दोपहर 12:30 बजे मुंबई में स्वर्गवास हो गया। एक प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी अमिट पहचान रखने वाले गोयनका जी ने 96 वर्ष की आयु में मुंबई स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे समाज और उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
मरीन ड्राइव पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया पार्थिव शरीर
दिवंगत आत्मा के अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को मुंबई के मरीन ड्राइव स्थित उनके निवास स्थान (ए रोड, वसंत सागर) पर रखा गया है, जहाँ तमाम गणमान्य लोग, समाज सेवी और उनके शुभचिंतक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंच रहे हैं। 28 सितंबर 1930 को जन्मे श्री नंद किशोर गोयनका जी ने अपने लंबे जीवनकाल में समाज कल्याण के अनगिनत कार्य किए।
संघ के प्रति अटूट निष्ठा और गोसेवा को समर्पित जीवन
श्री नंद किशोर गोयनका जी राष्ट्र निर्माण और सामाजिक चेतना के प्रति गहराई से समर्पित थे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक अत्यंत निष्ठावान स्वयंसेवक थे और उन्होंने संघ में रहते हुए कई महत्वपूर्ण एवं बड़े दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया था। व्यावसायिक गतिविधियों से हमेशा दूरी बनाकर रखने वाले गोयनका जी ने अपना पूरा जीवन गोसेवा, अध्यात्म और जन-कल्याण के कार्यों में लगा दिया। उनका जाना समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
चार्टर्ड प्लेन से पैतृक शहर हिसार लाया जाएगा पार्थिव शरीर
वैश्य समाज को संगठित और एकजुट करने के लिए श्री नंद किशोर गोयनका जी ने जीवनभर अथक प्रयास किए। इसके साथ ही, महाराजा अग्रसेन की ऐतिहासिक राजधानी अग्रोहा के विकास और उसे नई पहचान दिलाने में उन्होंने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके इसी गहरे जुड़ाव को देखते हुए, उनका पार्थिव शरीर मंगलवार, 14 जुलाई को सुबह 7 बजे चार्टर्ड विमान के जरिए मुंबई से उनके पैतृक शहर हिसार (हरियाणा) ले जाया जाएगा। यहाँ आम जनता और शुभचिंतकों के अंतिम दर्शन के लिए उनकी देह को कृष्णा मंडी स्थित उनके निवास स्थान '166, गोयनका हाउस' में रखा जाएगा।
अग्रोहा धाम में पत्नी के समीप ही होगा अंतिम संस्कार
इस महान विभूति का अंतिम संस्कार 15 जुलाई, बुधवार को सुबह 11 बजे हरियाणा के हिसार में संपन्न होगा। उनका पार्थिव शरीर अग्रोहा धाम के गोयनका उद्यान में पूरे राजकीय सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ पंचतत्व में विलीन किया जाएगा। गौरतलब है कि अग्रोहा धाम का यह वही पवित्र स्थान है, जहाँ पूर्व में उनकी धर्मपत्नी का भी अंतिम संस्कार किया गया था।









